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संत कबीर नगर जिले के धनघटा में मुख्यमंत्री को सीधे संबोधित करते हुए तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है कि महज तबादला करने से यह भ्रष्ट सिस्टम सुधरने वाला नहीं है। बदलाव तभी संभव है जब दोषी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करवाकर उन्हें जेल भेजा जाए और उनके खिलाफ कठोर एक्शन लिया जाए। इसी मांग को लेकर लोग #तबादला_नहीं_जेल_चाहिए की मांग उठा रहे हैं।
स्कूल की अवैध सीलिंग, पीएमओ पीजी और जनसुनवाई पोर्टल की शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण करने और एक महिला पत्रकार के साथ की गई अभद्रता को लेकर जिला अधिकारी को तीन ज्ञापन सौंपे गए हैं। इसके साथ ही डाक के जरिए शासन, प्रशासन और सरकार को पत्र भेजकर एसडीएम धनघटा सहित सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।
आरोप है कि शिक्षा माफियाओं, खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और बीएसए (BSA) की मिलीभगत से मनमानी लूट-खसोट मची हुई है। दलालों के माध्यम से जो लोग इस करप्ट सिस्टम का हिस्सा बन जाते हैं, उनके मानक और मान्यता को सही मान लिया जाता है। इसके विपरीत, जनहित में मुखरता से आवाज उठाने वालों को दबाने के लिए खुद आरोपी को ही जांच अधिकारी बनाकर मामले को रफा-दफा करने की साजिश रची जा रही है, जो अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है।
मुख्यमंत्री से सीधे सवाल पूछते हुए मांग की गई है कि इस मामले में संतृप्त कार्रवाई कब की जाएगी और महुली थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 328/2025 के भ्रष्ट जांच अधिकारियों, संतकबीरनगर शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने वाले दोषियों और इस साजिश में शामिल लोगों को कब रडार पर लिया जाएगा।
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