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उत्तर प्रदेश की 17 वंचित अतिपिछड़ी जातियों को उत्तराखंड की तर्ज पर “कुम्हार/शिल्पकार आरक्षण” के माध्यम से उनका संवैधानिक हक दिलाने के लिए धर्मयुद्ध का बिगुल बज चुका है। इस अधिकार की लड़ाई को अब सीधे सड़क से इलाहाबाद हाईकोर्ट में पैरवी के जरिए लड़ा जाएगा। एडवोकेट श्री दीपक कुमार प्रजापति जी के नेतृत्व में राज्य स्तरीय अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल होने की कगार पर है। आगामी 16 जुलाई 2026 को होने वाली एक निर्णायक बैठक में अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान के आईटी सेल प्रभारी वैद्य देवेन्द्र कुमार प्रजापति जी गाजियाबाद से इलाहाबाद पहुंचेंगे। वह एडवोकेट श्री सुरेश कुमार वर्मा जी सहित हाईकोर्ट के तमाम अधिवक्ताओं के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित कर पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर इस याचिका को “अजेय” बनाएंगे।
इस मुहिम के तहत समाज को बांटने और सत्ता की दलाली करने वाले तत्वों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि जनता अब उन्हें पहचान चुकी है और अब केवल सामूहिक विकास होगा। अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान के राष्ट्रीय सचिव जर्नलिस्ट जगन्नाथ प्रजापति ने स्पष्ट किया है कि सांसद-विधायक बनने से सिर्फ एक परिवार का भला होता है, लेकिन आरक्षण से वंचित इन अतिपिछड़ी जातियों की 10 पीढ़ियों का भविष्य सुधर जाएगा। इस संवैधानिक अधिकार की लड़ाई को जीतने के लिए प्रजापति समाज के हर घर से एक युवा को आगे आने का आह्वान किया गया है और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9005329144 भी जारी किया गया है।
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