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संत कबीर नगर से उठी तीखी प्रतिक्रिया में गोरखपुर के सांसद श्री रवि किशन जी के आल्हा गाकर योगी जी को खुश करने और जनता को चुनाव 2027 के लिए प्रेरित करने पर कड़ा प्रहार किया गया है। “बाजे ढोल नगाड़ा गोरखपुर के धरती बोलत गूंजे जय के नारा हो…” गाने को लेकर सवाल उठाया गया है कि कभी सांसद या संबंधित जिम्मेदारों को समाज में व्याप्त भय, भूख, भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और भेदभाव पर फोकस करते नहीं देखा गया, जो देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। मांग की गई है कि सभी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों, निगम के चेयरमैनों और यहाँ तक कि मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को भी धरातल की वास्तविकता पर केंद्रित होना चाहिए ताकि जनहित सुरक्षित रहे, लेकिन यहाँ सिर्फ वोट की राजनीति चलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री जी से सीधा निवेदन किया गया है कि मंच पर आल्हा सुनने के बजाय करप्ट सिस्टम को सुधारा जाए। आरोप लगाया गया है कि सत्ता संरक्षण प्राप्त अत्याचारी, धनबली और प्रभावशालियों के इशारे पर भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से अन्याय और शोषण का नंगा खेल चल रहा है। इससे भविष्य में शायद ही कभी कोई भगवाधारी योगी अथवा फिल्म बनाने वाले कलाकारों पर विश्वास करेगा। इसी भ्रष्ट सिस्टम की देन के रूप में शिल्पकार आरक्षण और ADV एकेडमी के मामलों का जिक्र किया गया है, जहाँ फाइलें लटकती रहती हैं, जनता तारीख पर तारीख झेलती है और आरोपी को ही जांच अधिकारी बना दिया जाता है, जो दुष्ट आत्माओं के दबाव में खेल पलट देते हैं जिससे न्याय दम तोड़ देता है।
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