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अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान की एक ऑनलाइन बैठक संरक्षक श्री एस आर प्रजापति जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा जगत में मची मनमानी लूट-खसोट के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करना और वंचित-अतिपिछड़ों के मुख्य आधार ‘शिल्पकार आरक्षण’ को लेकर सरकार की हीलाहवाली का विरोध करना है। सबसे कम उम्र के अमर शहीद बलिदानी रामचंद्र विद्यार्थी के योगदान का उल्लेख करते हुए कुम्हार और शिल्पकार समाज से देशहित के आंदोलनों में अपनी मजबूत भूमिका दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिनांक 23 जुलाई 2026 से 30 जुलाई 2026 तक सभी समर्थकों और अनुयायियों से टेलीफोन पर आपस में चर्चा करने को कहा गया है, ताकि वंचित, अतिपिछड़े, भूमिहीन और मजदूर वर्गों के प्रति सरकार, प्रशासन, विपक्ष और मीडिया की मंशा को समझते हुए आगे का निर्णय लिया जा सके। संगठन ने लोगों से उनके सुझाव व्हाट्सएप नंबर 9005329144 पर भेजने की अपील की है ताकि जन-भावनाओं के आधार पर दूरगामी कार्ययोजना तैयार की जा सके। बांदा के लवकुश प्रजापति को युवाओं का प्रतीक बताते हुए महाअभियान ने स्पष्ट किया है कि अब आरक्षण मांगा नहीं जाएगा बल्कि हक छीना जाएगा और बलिदानियों की विरासत को जिंदा रखते हुए यह संघर्ष जारी रहेगा।
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