शुरू न्यूज़
अत्याचारी, धनबली, प्रभावशाली लोगों और माफियाओं के बचाव में लगी तानाशाही व्यवस्था के समर्थक चाहे कितना भी दिमाग लगा लें, हू-हल्ला मचाएं या छात्र आंदोलन के समर्थकों को बदनाम करने की साजिश रचें, विपक्ष को इन आलोचनाओं की परवाह नहीं करनी चाहिए। विपक्ष को लोकसभा सत्र में बिना किसी झिझक के अपने नैतिक दायित्वों का निर्वहन डटकर करना चाहिए, क्योंकि भारत के संवैधानिक लोकतंत्र के असल मायने यही हैं।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड