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उत्तर प्रदेश पुलिस की जनसेवा और जनविश्वास की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र के बच्चों और किशोरों के लिए “बच्चों की पाठशाला” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान आत्मीय एवं प्रेरणादायी माहौल में बच्चों के साथ शिक्षा, संस्कार, तकनीक, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विषयों पर लंबी चर्चा की गई। पुलिस ने बच्चों को मार्गदर्शन देते हुए बताया कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का युग है और आने वाले समय में वही विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे जो नई तकनीकों को सीखने और खुद को अपडेट रखने का प्रयास करेंगे। बच्चों को यह भी समझाया गया कि मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्र का छात्र भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।
संवाद के दौरान बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए स्पष्ट किया गया कि यदि उनके साथ उत्पीड़न, धमकी, साइबर ठगी, नशे का दबाव, छेड़छाड़ या बुलिंग जैसी कोई भी घटना होती है तो उसे छिपाएं नहीं। पुलिस ने कहा कि घटना छिपाने से समस्या गंभीर हो सकती है, इसलिए माता-पिता, अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को तत्काल सूचित करें। इसके अलावा बच्चों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, फर्जी खबरों व अफवाहों से बचने, अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क में सावधानी बरतने, सड़क सुरक्षा, नशे से दूर रहने, अच्छे मित्रों का चयन करने और कानून का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में बच्चों को असफलताओं से न घबराते हुए मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और गुरुजनों व माता-पिता के सम्मान को सफलता की नींव बनाने की सीख दी गई। महुली पुलिस ने कहा कि शिक्षित, जागरूक और जिम्मेदार बच्चे ही एक मजबूत परिवार, सुरक्षित समाज और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण करते हैं। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने खुलकर अपने विचार साझा किए और भविष्य में भी ऐसे सत्र आयोजित करने की इच्छा जताई, जिस पर पुलिस ने आगे भी ऐसे प्रेरणादायी और जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का भरोसा दिया।
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