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संतकबीरनगर के पुतसर में नवसृजित ‘एडीवी इन्वेंशन एकेडमी’ पर ताला लगाए जाने और मान्यता आवेदन खारिज होने को लेकर करप्ट सिस्टम के खिलाफ भारी आक्रोश है। आरोप लगाया गया है कि जिले में कक्षा 5 की मान्यता पर ही तमाम अमान्य विद्यालय भ्रष्ट व्यवस्था के बल पर अतिरिक्त कक्षाएं धड़ल्ले से चला रहे हैं और घूस लेकर मानक पूर्ण होने की रिपोर्ट लगाकर उन्हें औपबंधिक मान्यता दी जा रही है। ऐसे में भेदभाव मुक्त, सस्ती और समान शिक्षा देने वाली इस एकेडमी को अपूर्ण मानक दिखाकर बंद करना सरासर पक्षपात है। जहां योगी सरकार में कुछ ब्राह्मण समाज के लोग यूपीएससी की तैयारी कर रहे गरीब बच्चों के संस्थान उजाड़ने में लगे हैं, वहीं यादव समाज के बेटे ने रिस्क लेकर बच्चों का सत्र और करियर संवारने का जरिया दिया। इसी को लेकर अब #DeSealKaro और #ShikshaBachao की गूंज उठी है।
एकेडमी को अवैध रूप से सील करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Writ 24587/2026) ने भी कड़ा रुख अपनाया है। 20 जुलाई 2026 की सुनवाई में माननीय न्यायालय ने प्रशासन से “इंटरेक्शन/रिपोर्ट” मांगकर पूछा है कि आखिर विद्यालय को क्यों सील किया गया। इसके अलावा, सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भी प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी को 12 जून 2026 को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद, भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 6 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव समाज कल्याण विभाग को वंचित अतिपिछड़ों को शिल्पकार श्रेणी के तहत अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र जारी करने का स्पष्ट आदेश दिया था। इसके बावजूद, पीएमओ पीजी और जनसुनवाई पोर्टल पर भ्रामक रिपोर्ट के आधार पर शिकायतों का फर्जी निस्तारण किया जा रहा है।
इस दमनकारी कार्रवाई को सामंतवादियों की गहरी साजिश बताया गया है, जो नहीं चाहते कि गरीब का बच्चा पढ़-लिखकर आगे बढ़े। वास्तविक दुश्मन वे अत्याचारी और धनबली लोग हैं जिन्होंने सदियों से गरीबों का शोषण किया और आज भी उन्हें गुलाम बनाए रखने के लिए उनके शिक्षण संस्थानों को ध्वस्त करने पर आमादा हैं। पीड़ितों ने मांग की है कि ‘एडीवी इन्वेंशन एकेडमी’ को तुरंत डी-सील किया जाए, जिले के सभी अमान्य स्कूलों पर भी समान कार्रवाई हो या सबको मान्यता देकर भेदभाव मिटाया जाए। इसके साथ ही, कुम्हार सहित वंचित अतिपिछड़ों को शिल्पकार श्रेणी का एससी प्रमाण पत्र जारी हो, फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, और ईडब्ल्यूएस की तर्ज पर वंचित अतिपिछड़ों को संवैधानिक आरक्षण देकर #अनिलप्रजापति_को_न्याय दिया जाए।
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