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संतकबीरनगर में 21 जुलाई 2026 को राज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी 2.0 और ऑटोमोबाइल सेक्टर की चुनौतियों पर व्यापारियों के साथ एक सीधे संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभाग के कार्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता राज्य जीएसटी के उपायुक्त राजेश कुमार पान्डेय और विनय कुमार गुप्त द्वारा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में आए बदलावों, नए टैक्स स्लैब और व्यापारियों के समक्ष आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करना और उनका समाधान निकालना था।
संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित व्यापारी नेताओं और ऑटोमोबाइल डीलर्स ने जीएसटी 2.0 के लागू होने के बाद गाड़ियों पर सेस समाप्त होने के कारण इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में फंसे पुराने सेस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के ब्लॉक होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। व्यापारियों ने विभाग को अवगत कराया कि इस ब्लॉक क्रेडिट के कारण डीलर्स की एक बड़ी कार्यशील पूंजी रुकी हुई है। इसके साथ ही बैठक में मौजूद कर अधिवक्ताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) ने तकनीकी व अनुपालन संबंधी विभिन्न सुझाव विभाग के समक्ष रखे।
व्यापारियों और विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए उपायुक्त विनय कुमार गुप्त ने भरोसा दिलाया कि सरकार और विभाग का उद्देश्य हमेशा से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने में सुगमता) को बढ़ावा देना रहा है और विभाग व्यापारियों के फंसे हुए सेस क्रेडिट व तकनीकी दिक्कतों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उपायुक्त राजेश कुमार पान्डेय ने बताया कि जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स दरों को तर्कसंगत बनाया गया है, जिससे ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मांग बढ़ी है। इस दौरान उन्होंने सीए और कर अधिवक्ताओं से व्यापारियों व विभाग के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में काम करने की अपील की। इस कार्यक्रम में सहायक आयुक्त कुमार गौरव सिंह, धम्म प्रिय, ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के रवि कुमार, निकेश पोद्दार, विवेक कुमार, नरेन्द्र चौधरी, व्यापारी नेता श्रवण अग्रहरी, विनीत चड्ढा, अमित जैन तथा अधिवक्ता अभिनव अग्रवाल, दीपक श्रीवास्तव और पंकज गुप्ता उपस्थित रहे।
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