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संतकबीरनगर के मगहर में हुई जोरदार बारिश ने नगर पंचायत की नाला सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। नगर में जल निकासी की गंभीर समस्या को देखते हुए बरसात से पहले मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बने नालों की सफाई के लिए साढ़े नौ लाख रुपये का टेंडर निकाला गया था। करीब 10 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च होने के बाद भी हालात जस की तस बने हुए हैं और हल्की सी बारिश होते ही लोगों के दरवाजों पर पानी जमा हो जाता है, जो पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सफाई कार्य में बरती गई लापरवाही को लेकर मनोनीत सभासद गौरव निषाद ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा नाले की सफाई का काम आधा-अधूरा ही छोड़ दिया गया, जिसके कारण नाला अभी भी पूरी तरह जाम है। उन्होंने बताया कि इस लापरवाही के संबंध में तत्कालीन ईओ और चेयरपर्सन को भी अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस अव्यवस्था के कारण न केवल लोगों के घरों में गंदा पानी घुस रहा है, बल्कि हर साल इसकी वजह से दर्जनों मकान धराशाई हो जाते हैं। रविवार को हुई तेज बारिश के बाद गांधी आश्रम के पास और सूती मिल चौराहे पर मुख्य मार्ग के किनारे भारी जलजमाव देखने को मिला।
इस पूरे मामले पर चेयरपर्सन पति नूरुज्जमा अंसारी ने सफाई देते हुए कहा कि नाले की सफाई बरसात से पहले पूरी करा दी गई थी। हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ जगहों पर अभी भी समस्या बनी हुई है, जिसके कारण बारिश के दौरान नाला सही ढंग से पानी नहीं खींच पाता और पानी सड़क पर फैल जाता है। उन्होंने जल्द ही कर्मचारियों को काम पर लगाकर जाम नाले को पूरी तरह साफ कराने का आश्वासन दिया है।
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