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संतकबीरनगर के मगहर स्थित कबीर चौराधाम के कबीर अकादमी के प्रेक्षागृह में मंगलवार को पूर्व सांसद स्वर्गीय शरद त्रिपाठी की पाँचवीं पुण्यतिथि पर स्मृति संयोजन दिवस का आयोजन किया गया। इस श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत विचार दास ने की, जिसमें केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज कुमार चौधरी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम का संचालन कौशलेश सिंह उर्फ दीपू सिंह ने किया।
मुख्य अतिथि पंकज चौधरी ने स्वर्गीय शरद त्रिपाठी को एक शानदार वक्ता बताया, जिन्होंने सदन में अपनी अलग पहचान बनाई और कम समय में ही जनमानस पर अपनी छाप छोड़ी, जो वर्षों तक याद रहेगी। उन्होंने कहा कि शरद त्रिपाठी ने संसद में कबीर की पहचान बढ़ाई और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा राष्ट्रपति को भी इस धरती पर आने के लिए प्रेरित किया, जो उनकी योग्यता और काबिलियत को दर्शाता है। डा. रामापति राम त्रिपाठी ने सभा में उपस्थित साधु-संतों के प्रति श्रद्धाभाव व्यक्त करते हुए सभी को अपने परिवार का सदस्य बताया और कहा कि शरद त्रिपाठी की स्मृतियां एक धरोहर के रूप में सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि संतकबीर की धरती पर जो भी कमियाँ रह गई हैं, उनके पुत्र मृगेन्द्र उन्हें पूरा करेंगे। देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने साझा किया कि जब भी चुनौतियाँ आईं, सबने मिलकर उनका हल निकाला और कहा कि शरद जी भले ही नहीं हैं, पर उनके विचार उनके साथ हैं और सब मिलकर उनके सपनों को पूरा करेंगे। इस अवसर पर विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह, विजय कुमार दूबे, श्रीराम चौहान, अंकुर राज तिवारी, गणेश चौहान, अनिल त्रिपाठी, जय मंगल कन्नौजिया, काली प्रसाद, बजरंगी सिंह, सुभाष यदुवंश, रमेश सिंह, दीपक मौर्या सहित कई अन्य वक्ताओं ने पूर्व सांसद के विकास कार्यों और योगदानों को याद किया और गिनाया।
पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी के पाँचवें स्मृति संयोजन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर मौजूद गणमान्य व्यक्तियों में विधायक अंकुर राज तिवारी, जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गा राय, सेतभान राय, पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ला, पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव, नगर चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी, संजय त्रिपाठी, पूर्व चेयरपर्सन संगीता वर्मा, रामानन्द सिंह नन्ह, मृगेंद्र त्रिपाठी, डा. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, पूर्व विधायक सी पी शुक्ला, डा. सतपाल पाल, अजय सिंह गौतम, सन्तराज यादव, रामललित चौधरी, प्रदीप सिसौदिया, अवधेश सिंह, गुड्डू वर्मा, संदीप मिश्र और उर्मिला त्रिपाठी प्रमुख थे।
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