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पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा चलाए जा रहे ‘क्रैक साइबर क्राइम अभियान’ के तहत, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में, थाना महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने त्वरित और प्रभावी प्रयास करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित को ₹15,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है।
घटना का विवरण देते हुए बताया गया है कि संतकबीरनगर जनपद के थाना महुली अंतर्गत ग्राम हरिहरपुर निवासी सेराज अहमद पुत्र शरीफ अहमद ने 30.06.2026 को फोन-पे के माध्यम से पैसे का ट्रांजेक्शन करते समय गलत मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया, जिससे ₹15,000 गलत खाते में चले गए। इस मामले की शिकायत पीड़ित द्वारा 02.07.2026 को साइबर थाना महुली में दर्ज कराई गई थी।
शिकायत मिलने पर थाना महुली की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों से आवश्यक कार्यवाही की। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज दिनांक 02.07.2026 को पीड़ित के खाते में ₹15,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस आ गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष श्री दुर्गेश पाण्डेय, साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उ0नि0 श्री अनुज कुमार यादव, का0 अंकित पटेल, का0 सोनू यादव, का0 मनोज यादव और म0का0 कमलेश कुमारी शामिल थे।
जनपद पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, मैसेज अथवा ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई है। साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
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