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संत कबीर नगर में जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में उर्वरक समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट कक्ष में आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से जनपद में उर्वरक की उपलब्धता और वितरण की अद्यतन जानकारी लेते हुए आवश्यक बिंदुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
उपनिदेशक कृषि डॉ0 राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में यूरिया का 18260 मीट्रिक टन, डीएपी का 5444 मीट्रिक टन और एनपीके का 3010 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। इसमें से खुदरा बिक्री केंद्रों पर यूरिया 13416 मीट्रिक टन, डीएपी 1240 मीट्रिक टन और एनपीके 711 मीट्रिक टन मौजूद है। यह भी उल्लेख किया गया कि खुदरा केंद्रों पर फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता कुल स्टॉक के सापेक्ष कम है। उर्वरक समिति द्वारा 30 जून 2026 को यूरिया 1867 मीट्रिक टन और डीएपी 1046 मीट्रिक टन का समिति-वार आवंटन किया गया है। साथ ही, 2 जुलाई 2026 को इफको यूरिया का 1341 मीट्रिक टन रेक पॉइंट पर प्राप्त होना है। हालाँकि, यह पाया गया कि आवंटित उर्वरक के सापेक्ष अभी तक इफको को डिमांड और आरटीजीएस नहीं किया गया है।
जिलाधिकारी ने इस पर सख्त निर्देश दिए कि आवंटित उर्वरक को तीन दिनों के भीतर निर्धारित समितियों को सीधे रेक पॉइंट से उपलब्ध कराया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। समीक्षा में यह भी सामने आया कि पीएससी भंडार में यूरिया, डीएपी, एनपीके इत्यादि लगभग 7000 मीट्रिक टन भंडारित है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि जनपद में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कोई कमी नहीं है और उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
किसानों को अपनी मांग के अनुसार उर्वरक क्रय करने की सलाह दी गई, और यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि उर्वरक खरीदने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है। किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसे अपडेट भी करें।
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