शुरू न्यूज़
संतकबीरनगर के धनघटा स्थित नाथनगर में एसआर इंटरनेशनल एकेडमी में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ गुरुवार को धूमधाम से हुआ। इस अवसर पर माँ सरस्वती की विशेष आराधना की गई, संस्थान के संस्थापक स्व. पं. सूर्य नारायण चतुर्वेदी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और नौनिहालों व शिक्षकों को सफलता के मूलमंत्र दिए गए।
कार्यक्रम में सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी, एसआर इंटरनेशनल एकेडमी के मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश चतुर्वेदी, सहायक प्रबंधक मनोज कुमार पांडेय, पीजी कॉलेज के प्राचार्य वेद प्रकाश पांडेय और प्रधानाचार्य दुर्गेश कुमार गोस्वामी ने माँ सरस्वती की आरती और पूजन किया। डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने इस ग्रामीण अंचल में स्थापित संस्थान के छात्रों की प्रतिभा को समय-समय पर साबित करने की सराहना करते हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं को कठिन परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का मंत्र दिया। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए वर्तमान शैक्षणिक सत्र के पहले दिन कड़ी मेहनत और निष्ठा से सफलता के नए आयाम स्थापित करने का संकल्प दिलाया।
एसआर के एमडी राकेश चतुर्वेदी ने नए सत्र में सभी शिक्षकों और छात्रों से पूरी निष्ठा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया और आश्वासन दिया कि संसाधनों की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि अभिभावकों का अपेक्षित सहयोग मिला तो इस सत्र में संस्थान के छात्र निश्चित रूप से इतिहास रचेंगे और अपनी प्रतिभा से सफलता के शिखर पर पहुँचेंगे। असिस्टेंट डायरेक्टर मनोज कुमार पांडेय और प्रधानाचार्य देव कुमार गोस्वामी ने प्रबंधन को सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की ओर से बेहतर परिणाम देने का भरोसा दिलाया।
संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है, जिसके लिए अभिभावकों और छात्रों की भीड़ देखी जा रही है। अधिकारियों ने अभिभावकों से जल्द से जल्द अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने की अपील की। पहले दिन स्कूल पहुँचे नौनिहालों का तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रविंद्र यादव, वरिष्ठ शिक्षक हरिश्चंद्र यादव, प्रेम प्रकाश पांडेय, कृष्णा मिश्र, महेंद्र चौधरी, दिग्विजय यादव, धर्मेंद्र चौरसिया सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड