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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों को प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही, प्रदेश के 7.5 लाख से अधिक शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ एमओयू का निष्पादन व हस्तांतरण किया गया। इस एमओयू के तहत किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बैंक द्वारा शिक्षकों को ₹1.5 करोड़ से ₹3 करोड़ तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और स्व-वित्तपोषित संस्थानों के लगभग 10 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के ठीक पूर्व इस योजना की शुरुआत होना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है और इसके बिना देश व प्रदेश का विकास असंभव है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों के हुनर को पहचानना, उन्हें तराशना और जिम्मेदार नागरिक बनाना शिक्षकों का राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सकारात्मक व सही दिशा में उपयोग सिखाने में शिक्षकों की भूमिका अहम है, जो ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण संत कबीर नगर जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देखा और सुना गया। यहाँ प्रभारी मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, विधायक अंकुर राज तिवारी, विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, विधायक गणेश चंद्र चौहान, जिलाधिकारी आलोक कुमार तथा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना की उपस्थिति में कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। प्रभारी मंत्री द्वारा जनपद के 30 शिक्षकों को योजना का प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रोहित कुमार राय द्वारा किया गया।
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