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उत्तर प्रदेश के बस्ती शहर में यातायात को सुगम बनाने और जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से 17 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई 1.75 किलोमीटर लंबी कंपनीबाग-बड़ैवन फोरलेन आज राहगीरों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। तीन साल पहले शुरू की गई इस परियोजना के विकास दावों के बीच जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से घरों का गंदा पानी और बारिश का जल सड़कों पर ही बहकर जमा हो रहा है।
स्थानीय निवासियों और राहगीरों के अनुसार, निर्माण के दौरान कई नालियाँ टूट गईं और नालियों की ऊँचाई सड़क की तुलना में अधिक रखे जाने के कारण पानी का निकास पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क किनारे बने नाले पूरी तरह चोक हो चुके हैं, जिससे कटरा पानी टंकी के पास समेत विभिन्न स्थानों पर ओवरफ्लो होकर पानी जमा हो रहा है और गंभीर बीमारियाँ फैलने का खतरा बन गया है। आरबी, रामकिशन और राकेश जैसे स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी बजट खर्च करने के बावजूद जलनिकासी का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
इस बदहाली पर पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-वन, बस्ती के एक्सईएन अवधेश कुमार ने कहा कि सड़क बन चुकी है और आवागमन बहाल है। जहाँ नालियाँ चोक हैं वहाँ काम कराया जा रहा है और होल भी किए जा रहे हैं, जबकि सड़क दबने की जानकारी न होने की बात कहते हुए उन्होंने संबंधित जेई से जांच रिपोर्ट लेने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने कागजी आश्वासनों और लीपापोती को खारिज करते हुए कृषि कार्यालय के सामने बने चोक नाले को तोड़कर नए सिरे से सुधारने और सभी क्षतिग्रस्त नालियों की तत्काल मरम्मत कर स्थायी समाधान की माँग की है।
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