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उत्तर प्रदेश शासन के ‘मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 द्वितीय चरण’ के अंतर्गत संत कबीर नगर जनपद में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से एक भव्य बहु-बेटी सम्मेलन एवं महिला सशक्तिकरण चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशों और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में, जिले के सभी सर्किलों के क्षेत्राधिकारियों के पर्यवेक्षण में तथा सभी थानों की एंटी रोमियो टीम के कुशल नेतृत्व में संचालित हुआ।
इस अभियान के तहत, समस्त थानों पर नियुक्त एंटी रोमियो टीमों ने विभिन्न गाँवों में जाकर बहु-बेटी सम्मेलन आयोजित किए। इनमें थाना कोतवाली खलीलाबाद द्वारा ग्राम नवीन मंडी, सरैया, गोला बाजार में; थाना दुधारा द्वारा ग्राम मटियापार सरऊवा, डिहवा में; महिला थाना द्वारा बड़गो में; थाना महुली द्वारा सुक्खीपुर में; थाना धनघटा द्वारा शनिचरा बाजार, रानीपुर, हरगोविंदपुर में; थाना मेहदावल पुलिस द्वारा कौलपुर, टड़वरिया में; थाना बखिरा द्वारा खरवनिया, लेडुआ महुआ, रसूलाबाद में; थाना बेलहरकला द्वारा करदहा में; और थाना धर्मसिंहवा पुलिस द्वारा महादेवा नानकार, बौरव्यास, रैधरपार में महिलाओं, बहु-बेटियों एवं बालिकाओं को एकत्रित कर चौपाल के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान, मिशन शक्ति 5.0 द्वितीय चरण अभियान के साथ-साथ शासन की विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, मातृ शक्ति को संबल योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में भी बताया गया।
महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया, तथा वूमेन पॉवर लाइन-1090, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, एम्बुलेंस सेवा-108, चाइल्ड लाइन-1098, स्वास्थ्य सेवा-102, महिला हेल्पलाइन-181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 और साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। चर्चा के दौरान गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध जैसे संवेदनशील विषयों पर भी विस्तृत बातचीत हुई, और उपस्थित महिलाओं को पम्पलेट प्रदान कर जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में महिला बीट अधिकारियों एवं मिशन शक्ति टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल शैली में संवाद सत्र कर महिलाओं को निडर होकर अपनी बात रखने और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस सम्मेलन का महिलाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। उपस्थित महिलाओं ने बताया कि इस आयोजन से उन्हें घरेलू हिंसा और पति-पत्नी के विवाद जैसे मुद्दों को खुलकर साझा करने का अवसर मिला, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने अपनी प्रतिभा को बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरणा मिलने की बात कही। महिलाओं ने पुलिस के प्रति अपना विश्वास बढ़ने की बात स्वीकार करते हुए मांग की कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहने चाहिए, ताकि उनका मनोबल बना रहे और वे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
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