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संतकबीरनगर जनपद की धनघटा पुलिस ने धोखाधड़ी और झपटमारी से जुड़े एक मामले में कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से झपटमारी से प्राप्त कुल 30,000 रुपये भी बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई।
मामले का संक्षिप्त विवरण यह है कि दिनांक 04.07.2026 को वादी श्री कामता प्रसाद सिंह निवासी झड़ौदा कला, बाबा हरिदास नगर, बाहरी दिल्ली ने धनघटा थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने बताया कि वह गरीब लड़के-लड़कियों की शादी करवाते हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने अपने पूर्व परिचित आनंद उर्फ मुकेश पाल निवासी धमनौर, थाना ककरवई, जनपद झांसी से फोन पर बात कर लड़की के बारे में पूछा। आनंद उर्फ मुकेश ने अनामिका निषाद नामक लड़की की जानकारी दी और उसे देखने के लिए बुलाया। वादी दिनांक 02.07.2026 को उमरिया बाजार आकर आनंद उर्फ मुकेश से मिले, जहां मुकेश ने उन्हें लड़की अनामिका की बहन विमल से मिलवाया। इसके बाद आनंद उर्फ मुकेश उन्हें घर के अन्य लोगों से मिलवाने की बात कहकर सभी को रात्रि में औराडाड नदी के किनारे एक बंधे पर ले गए। वहां गगन यादव भी मिला। सभी लोग वादी से बात कर रहे थे, तभी अचानक सभी ने मिलकर उनके हाथ में रखे बैग से 30,000 रुपये झपट्टा मारकर छीन लिए और भाग गए। जब तक वादी कुछ समझ पाते, सभी वहां से फरार हो चुके थे। उन्होंने 112 पर सूचना दी और आरोपियों को ढूंढा, लेकिन न मिलने पर दिनांक 04.07.2026 को थाने में सूचना दर्ज कराई। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना धनघटा पर मु0अ0सं0 476/2026 धारा 318(4), 304(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था, जिसमें बाद में बरामदगी के आधार पर धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान आनंद उर्फ मुकेश पाल पुत्र श्री रामसनेही (निवासी धमनोड़, थाना ककरवई, जनपद झांसी), गगन यादव पुत्र स्व0 श्रीराम यादव (निवासी सिकरीगंज, थाना सिकरींगज, जनपद गोरखपुर), विमल पत्नी राजकुमार (निवासनी बहरामपुर दक्षिणी, थाना गीडा, जनपद गोरखपुर), और अनामिका निषाद पुत्री धर्मदेव निषाद (निवासनी सिहापार, थाना सहजनवा, जनपद गोरखपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ में इन सभी ने बताया कि वे चारों मिलकर एक गिरोह बनाते हैं और शादी का झांसा देकर ग्राहकों को फंसाते हैं। वे घर दिखाने या शादी की बात करने के बहाने सुनसान रास्तों पर ले जाकर पैसे से भरा बैग झपट्टा मारकर छीन लेते हैं। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि आनंद उर्फ मुकेश पाल उनका लीडर है, जो ग्राहक फंसाकर लाता है और फिर वे घटना को अंजाम देते हैं। वे आपस में काम के हिसाब से पैसे बांट लेते हैं और इसी से अपना तथा अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
इन सभी अभियुक्तों को कुल 30,000 रुपये की बरामदगी के साथ बेलहरघाट मंदिर के पास से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तारी करने वाली संयुक्त टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री दिलीप सिंह, एसओजी प्रभारी श्री रजनीश राय, उपनिरीक्षक श्री रवीन्द्र सिंह यादव, हेड कांस्टेबल बदरे आलम, कांस्टेबल रवि चौरसिया, महिला हेड कांस्टेबल इन्द्रावती, महिला कांस्टेबल प्रतिमा यादव, हेड कांस्टेबल अनूप राय, हेड कांस्टेबल विवेक राय, कांस्टेबल दीपक सिंह, कांस्टेबल सर्वेश मिश्रा, कांस्टेबल अभिषेक सिंह, कांस्टेबल शुभम सिंह और कांस्टेबल विवेक मिश्रा शामिल थे।
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