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सुप्रीम कोर्ट के वकील श्री अश्विनी उपाध्याय जी के उस बयान का समर्थन किया गया है, जिसमें उन्होंने नकल माफियाओं की पूरी संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 1 साल के भीतर फांसी या उम्रकैद की सजा देने की मांग की है। हालांकि, इसके साथ ही यह बड़ी मांग रखी गई है कि नकल माफिया पर कानून बनाने से पहले जांच के नाम पर फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के लिए फांसी का कानून बनाया जाना चाहिए।
आरोप लगाया गया है कि जब गरीब व्यक्ति शिकायत लेकर भटकता है तो उसे ‘नियमानुसार जांच होगी’ का दिलासा देकर टहला दिया जाता है। यहीं से धनबली माफियाओं के गैंग का खेल शुरू होता है, जहां भ्रष्ट नेता, अधिकारी और बाबू मिलकर पैसे लेकर जांच रिपोर्ट पलट देते हैं। शिक्षा विभाग में बीईओ (BEO), बीएसए (BSA), डीआईओएस (DIOS) और बाबू सब मिले हुए हैं और पर्याप्त सबूत होने के बावजूद जिला प्रशासन आरोपियों को बचा रहा है। इसी वजह से संतकबीरनगर के पुतसर स्थित ‘ADV इन्वेंशन अकादमी’ का मामला इतना बड़ा बन गया है, क्योंकि नकल माफिया, नेता और अधिकारी सब एकजुट हैं।
इस पूरे प्रकरण में माननीय मुख्यमंत्री योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी से अपील की गई है कि सबसे पहले सिस्टम को साफ किया जाए और भ्रष्ट जांच अधिकारियों को सख्त सजा दी जाए। जब तक जांच व्यवस्था से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, तब तक गरीबों का भला नहीं हो सकता।
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