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बस्ती जिले के गौर विकास खंड की बलुआ चौबे ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ‘दक्षिण टोला गांव से जोगी के चक तक चकबंध निर्माण कार्य’ के नाम पर धरातल पर काम पूरी तरह ठप है और सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन डिजिटल अटेंडेंस (NMMS) प्रणाली के जरिए कागजों और ऑनलाइन मास्टर रोल पर मजदूरों की हाजिरी धड़ल्ले से दर्ज की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार कर्मचारियों की सीधी सांठगांठ है। ऑनलाइन हाजिरी के जरिए बिना काम किए सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और जरूरतमंद मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि संबंधित ब्लॉक के अधिकारी, तकनीकी सहायक और अवर अभियंता (JE) मौके पर जाकर मुआयना करने के बजाय इस धांधली पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
इस फर्जीवाड़े को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने जिला प्रशासन व ग्रामीण विकास विभाग से आर-पार की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने तत्काल स्वतंत्र जांच टीम गठित कर कार्यस्थल की भौतिक स्थिति, जियो-टैगिंग, मास्टर रोल और भुगतान अभिलेखों (Measurement Book) का गहराई से मिलान करने का आग्रह किया है। साथ ही, अनियमितता साबित होने पर दोषी ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और वित्तीय वसूली की मांग की गई है।
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