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बस्ती जनपद के परिषदीय विद्यालयों में करोड़ों रुपये का भुगतान होने के बावजूद दो साल बाद भी बिजली नहीं पहुंच सकी है, जिससे मासूम बच्चे भीषण गर्मी और उमस में बिना पंखे और रोशनी के पढ़ने को मजबूर हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के दस्तावेजों के मुताबिक, 27 मार्च 2024 को विद्युत वितरण निगम को स्कूलों में वायरिंग और कनेक्शन के लिए ₹1.67 करोड़ की भारी-भरकम राशि हस्तांतरित की गई थी। इसके बावजूद प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता के कारण धरातल पर बिजली की व्यवस्था नहीं की गई।
विकास खंड कप्तानगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय बटटूपुर की बदहाली इस पूरी व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है। यहाँ विद्युतीकरण के लिए लगभग ₹1.99 लाख का एस्टीमेट जमा करने और कार्यदायी संस्था को दस्तावेज सौंपने के बाद भी बिजली नहीं आई है। इस मामले में 24 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन विद्युत विभाग और कार्यदायी संस्था एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालकर सिर्फ कागजी खानापूर्ति करने में जुटे हैं।
इस घोर लापरवाही को लेकर स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है और उनका गुस्सा अब सड़कों पर उतरने लगा है। भीषण उमस के बीच नौनिहालों के स्वास्थ्य से हो रहे इस खिलवाड़ पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर दो वर्षों तक यह बजट किस खाते की शोभा बढ़ाता रहा और बिना मानक की वायरिंग से होने वाले किसी भी हादसे की नैतिक जिम्मेदारी कौन लेगा। प्रशासन से मांग की जा रही है कि वह इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करे और स्कूलों में तत्काल बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
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