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बस्ती जनपद के मंडी परिषद में सड़क निर्माण कार्यों के टेंडर में बड़ी धांधली और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। मैसर्स शुक्ला कंस्ट्रक्शन (ग्राम-जगदीशपुर, पोस्ट-बाल्टरगंज) के प्रबंधक ने जिलाधिकारी बस्ती को शिकायती पत्र सौंपकर निविदा संख्या-141 (दिनांक 19.05.2026) के तहत विशेषरगंज ककरहवा मझौवा रोड से चौरवा का भगवान कार्य (लाट संख्या-11) के टेंडर में भारी अनियमितताओं का दावा किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने को करीब ₹6,69,902 का भारी नुकसान होने का अनुमान है।
इस निविदा प्रक्रिया में तीन निविदादाताओं- सर्वश्री शुक्ला कंस्ट्रक्शन, मेसर्स राजनीति यादव (रामजीत यादव) और मेसर्स राजन कुमार यादव ने भाग लिया था। शिकायतकर्ता का गंभीर आरोप है कि टेंडर में शामिल अन्य दोनों फर्मों के स्वामियों के बीच मामा-भांजे का पारिवारिक संबंध है, जो किसी अन्य ठेकेदार को निविदा में भाग नहीं लेने देते और अधिकारियों के साथ मिलकर टेंडर अपने पक्ष में करा लेते हैं। फर्म का आरोप है कि निविदा कमेटी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर और अधिकारियों से सांठगांठ कर मैसर्स शुक्ला कंस्ट्रक्शन का जमानतनामा निरस्त कर दिया गया और उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया, जबकि उन्होंने ₹6,69,902 का टेंडर डाला था। इसके अलावा, एक अन्य मामले में लॉटरी से एल-1 घोषित होने के बावजूद उनकी धरोहर राशि के समायोजन में जानबूझकर देरी की गई।
इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर भी घोर लापरवाही और टाल-मटोल के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस धांधली की शिकायत पहले अपर जिलाधिकारी (एडीएम) बस्ती से की गई थी, जिन्होंने उपनिदेशक निर्माण मंडी परिषद से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। आरोप है कि बिना किसी आधिकारिक रिपोर्ट के ही डीडीओ बस्ती द्वारा मनमाने तरीके से आनन-फानन में टेंडर की दरें खोल दी गईं। मैसर्स शुक्ला कंस्ट्रक्शन ने जिलाधिकारी से इस निविदा को निरस्त कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया कराने की मांग की है और कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण में जाने की स्पष्ट चेतावनी दी है। शिकायत की प्रतिलिपि मण्डलायुक्त बस्ती, निविदा कमेटी और अधिशासी अभियंता निर्माण मंडी परिषद को भी भेजी गई है।
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