संतकबीरनगर- बाढ़ की मार से बेहाल किसान, भारतीय किसान यूनियन ने भरी हुंकार: जिलाध्यक्ष विजय कुमार वर्मा ने जिलाधिकारी आलोक कुमार को सौंपा 6 सूत्रीय मांग पत्र, मुआवजा और भ्रष्ट लेखपाल को हटाने की मांग तेज।
जनपद में बाढ़ से उत्पन्न भयावह स्थिति के कारण किसानों और गरीब मजदूरों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी को लेकर आज भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष विजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के तत्काल निस्तारण की मांग की।
संगठन ने 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि बाढ़ के कारण किसान बर्बाद हो गए हैं और शासन-प्रशासन मौन है।
यूनियन की 6 बड़ी मांगे:
1. फसल बर्बाद, मुआवजा दो: बाढ़ से उत्पन्न क्षति के कारण किसानों की फसल का मुआवजा तत्काल दिलवाया जाए और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
2. राशन में लूट बंद करो: खाद्यान्न वितरण में पात्र गरीब परिवारों को निर्धारित मात्रा में राशन नहीं मिल रहा है, वितरण व्यवस्था की जांच कराई जाए।
3. मच्छरों का कहर: जिले के हर ग्राम सभा में मच्छर नाशक दवा का छिड़काव कराया जाए।
4. लेखपाल हटाओ अभियान: ग्राम सभा छपरा मगर्वी, ब्लॉक पौली, तहसील धनघटा के हल्का लेखपाल के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। किसान यूनियन ने भ्रष्टाचार की बड़ी शिकायत बताते हुए तत्काल लेखपाल का स्थानांतरण कर किसी अन्य लेखपाल को नियुक्त करने की मांग की।
5. बांस-बल्ली पर दौड़ रही बिजली: धनघटा तहसील के कई गांवों में आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली दौड़ाई जा रही है, कहीं-कहीं तो बिना बिजली के लोग जीने को मजबूर हैं। तत्काल खंभा लगवाकर तार खिंचवाया जाए।
6. रात की कटौती पर रोक: रात में हो रही अघोषित बिजली कटौती को तत्काल रोका जाए।
जिलाध्यक्ष विजय कुमार वर्मा ने कहा कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस दौरान जटाशंकर पाण्डेय, राकेश श्रीवास्तव, रमेश गौतम, गौरी शंकर प्रभारी तहसील धनघटा, मोहन, प्रदीप, अवधेश कुमार सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड