संतकबीरनगर- सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान के बाद कांड में नया मोड़: प्रशासन की समीक्षा में खुलासा – सांसद पर हमला नहीं, दलित युवक के एक्सीडेंट के बाद उपजा था विवाद, राजनीतिक रंग दे रही सपा?….
अमरडोभा में सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के काफिले पर हुए कथित हमले के मामले में विभागीय प्रशासनिक समीक्षा के बाद बड़ी बात सामने आई है। प्रशासन का कहना है कि यह कोई सोचा-समझा हमला नहीं, बल्कि एक दलित युवक के एक्सीडेंट के बाद उपजा आक्रोश था। इसमें किसी प्रकार का राजनीतिकरण नहीं था।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान सांसद की गाड़ी की चपेट में आने से दलित समाज के युवक विशाल कुमार को चोट लगी, जिसके बाद भीड़ आक्रोशित हुई और विवाद बढ़ा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद खुद दलित समाज से आते हैं, तो उन पर SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा कैसे दर्ज हो गया? यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
प्रशासन का आरोप है कि सपा इस पूरे घटनाक्रम को भ्रामक तरीके से पेश कर समाज में अफवाह फैला रही है। सपा सांसद और उनके समर्थक घटना को राजनीतिक रंग देकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।
अब जनता पूछ रही है कि इस सवाल का जवाब कौन देगा – सांसद पप्पू निषाद या सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, जिन्होंने पूरी कहानी को ही राजनीतिक मोड़ दे दिया?…
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड