नाबालिग का निकाह पढ़ाने वाले मौलाना पर कार्रवाई कब? उम्र सत्यापन के बिना निकाह कराने पर उठे गंभीर सवाल
बलवंत कुमार पांडेय | संत कबीर नगर
धनघटा थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़के का कथित तौर पर जबरन निकाह कराए जाने का मामला सामने आने के बाद अब निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पीड़ित नाबालिग की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में लगाए गए आरोपों के बावजूद निकाह पढ़ाने वाले मौलाना के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़ित का आरोप है कि उसके चाचा ने अपनी लड़की से उसका कथित तौर पर जबरन निकाह करा दिया। तहरीर के मुताबिक, निकाह के बाद लड़की पक्ष की ओर से परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है और प्रताड़ित किए जाने की बात कही गई है। मामले में दोनों के बीच पहले से प्रेम प्रसंग होने की चर्चा भी सामने आ रही है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
उम्र सत्यापन किए बिना कैसे पढ़ा गया निकाह?
मामले में सबसे बड़ा सवाल निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका को लेकर है। यदि पुलिस जांच में लड़के की उम्र नाबालिग पाई जाती है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि निकाह से पहले उसकी उम्र की पुष्टि के लिए कोई दस्तावेज देखा गया था या नहीं।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि निकाह कराने वाले मौलाना के पास किसी वैध संस्था से संबंधित प्रमाण अथवा अधिकार नहीं था और कथित तौर पर रसीद के जरिए निकाह की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी सच्चाई पुलिस जांच में ही स्पष्ट होगी।
मौलाना पर कार्रवाई क्यों नहीं?
नाबालिग के कथित निकाह का मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद अब यह सवाल भी चर्चा में है कि यदि निकाह में नाबालिग होने की पुष्टि होती है, तो निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका की जांच कब होगी?
क्या निकाह पढ़ाने से पहले उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई थी?
क्या निकाह की कोई अधिकृत प्रक्रिया अपनाई गई थी?
कथित रसीद किस संस्था के नाम से जारी हुई?
और यदि लड़का नाबालिग था तो निकाह कराने में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच क्यों नहीं की जा रही है?
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
मामला थाने पहुंचने के बाद अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यदि जांच में नाबालिग होने और निकाह से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं तो निकाह कराने वाले मौलाना समेत निकाह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है।
प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है और आरोपों की जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि जांच में नाबालिग की उम्र और निकाह की प्रक्रिया को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और निकाह पढ़ाने वाले मौलाना की भूमिका पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
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