नाबालिग का निकाह कराने वाले मौलवी पर उठे सवाल, बिना उम्र सत्यापन कैसे पढ़ा निकाह?
नाबालिग लड़के का कथित तौर पर जबरन निकाह कराए जाने का मामला सामने आने के बाद निकाह पढ़ाने वाले मौलवी की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित नाबालिग द्वारा धनघटा पुलिस को दी गई तहरीर में लगाए गए आरोपों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि निकाह पढ़ाने से पहले लड़के की उम्र का सत्यापन क्यों नहीं किया गया? यदि लड़का वास्तव में नाबालिग था तो उसकी उम्र की जानकारी लिए बिना निकाह पढ़ाने की अनुमति किस आधार पर दी गई?
धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग अहमद अली पुत्र ताज मोहम्मद ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उसके ही चाचा ने अपनी लड़की से उसका जबरन निकाह करा दिया। पीड़ित का आरोप है कि निकाह के बाद लड़की पक्ष की ओर से उसके परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है और तरह-तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। परिवार के डर में होने तथा लड़की द्वारा जहर खा लेने की धमकी दिए जाने की बात भी तहरीर में कही गई है।
मामले को लेकर गांव में चर्चा है कि लड़के और लड़की के बीच पहले से प्रेम प्रसंग था। मामला जब थाने तक पहुंचा तो आरोप है कि लड़के पर दबाव बनाकर दोनों का निकाह करा दिया गया। अब इस पूरे प्रकरण में निकाह पढ़ाने वाले मौलवी की भूमिका की जांच भी अहम हो गई है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जिस मौलवी ने निकाह पढ़ाया, उसके पास निकाह कराने वाली किसी वैध संस्था से संबंधित प्रमाण अथवा अधिकार नहीं था और कथित तौर पर फर्जी रसीद के जरिए निकाह की प्रक्रिया पूरी कराई गई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
उठ रहे हैं ये गंभीर सवाल
निकाह के समय लड़के की उम्र का सत्यापन क्यों नहीं किया गया?
यदि लड़का नाबालिग था तो निकाह पढ़ाने वाले मौलवी ने उम्र संबंधी दस्तावेज क्यों नहीं देखे?
निकाह कराने वाली संस्था अथवा मौलवी की वैधता की जांच किसने की?
कथित रसीद किस संस्था के नाम से जारी की गई और उसकी वैधता क्या है?
नाबालिग की शादी की जानकारी होने के बावजूद निकाह कराने में किस-किस की भूमिका रही?
मामला थाने पहुंचने के बाद अब पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। यदि जांच में नाबालिग की उम्र, जबरन निकाह और निकाह कराने वाले मौलवी से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों की भूमिका की जिम्मेदारी तय कर विधिक कार्रवाई करना पुलिस के लिए जरूरी होगा।
प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप सिंह ने बताया कि इस संबंध में तहरीर मिली है। आरोपों की जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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