भिटहा स्थित “चतुर्वेदी विला” में दिखी रक्षाबंधन पर्व की धूम, भाई बहन के स्नेह को मिली प्रेरणा
– चतुर्वेदी परिवार के पैतृक गांव भिटहा में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन का त्यौहार
– सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डा उदय प्रताप चतुर्वेदी और पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बहनों को भेंट किया अनमोल उपहार
– मुखिया चन्द्रावती देवी की मौजूदगी में युवा ब्रिगेड ने बहनों के स्नेह पर लुटाया अनमोल तोहफा
संतकबीरनगर। बलवंत कुमार पाण्डेय
कबीर की सरजमीं पर पर्वों की महत्ता और उसकी प्रामाणिकता का अद्भुत नजारा जिले के चर्चित “चतुर्वेदी विला” में देखने को मिलती है। होली हो या दीपावली हर पर्व की चमक की किरणे इस ऐतिहासिक बिला से ही बिखरती हैं। ऐसे में जब भाई बहन के अटूट प्यार और विश्वास के ऐतिहासिक पर्व का अवसर आया तो समूचा परिवार रक्षाबंधन के जश्न में झूम उठा। इस विला से निकली रक्षाबंधन पर्व की महत्ता नई पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। यूँ तो रक्षाबंधन पर्व पूरे जनपद में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सभी बहने अपने भाइयों के कलाई में राखी बांधते हुए उनके लंबी उम्र की दुआ मांग रही है। इसी क्रम जिले के वीआईपी घराने चतुर्वेदी परिवार में रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया चतुर्वेदी परिवार की बहनों ने अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधते हुए उनके लंबी उम्र की दुआ मांगी। चतुर्वेदी परिवार के भाइयों ने बहनों को उपहार देते हुए हमेशा उनके सुख समृद्धि शांति की कामना करते हुए हमेशा उनकी रक्षा करने का वादा किया। आपको बता दे की मौका था भाई बहन के अटूट प्यार और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन का त्यौहार का जिले के चतुर्वेदी परिवार के घर भिटहा में रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही हर्षो उल्लास के साथ मनाया गया सूर्या ग्रुप में एमडी डॉ उदय प्रताप चतुर्वेदी एसआर इंटरनेशनल एकेडमी के निदेशक पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी अखंड प्रताप चतुर्वेदी ,राजन चतुर्वेदी और रजत चतुर्वेदी ने अपनी बहनों से राखी बंधवाते हुए उनको उपहार दिया चतुर्वेदी परिवार की बहनों अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए लंबी उम्र की दुआ मांगी। रक्षाबंधन के त्यौहार के अवसर पर डाक्टर उदय ने कहा कि भाई बहन के अटूट प्यार और विश्वास के पर्व रक्षाबंधन सभी के जीवन में खुशियां लाए सभी भाई अपनी बहनों की रक्षा और सुरक्षा के लिए तत्पर रहे।
अपना राज्य चुनें
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
बिहार
छत्तीसगढ़
दिल्ली
हरियाणा
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
झारखंड
मध्य प्रदेश
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड