पौली में बिना पंजीकरण संचालित विद्यालय की स्कूली वैन से गिरीं दो मासूम बच्चियां, घायल
अतरौलिया-गोविंदगंज मार्ग पर हुआ हादसा, स्कूल प्रबंधन और वाहन व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
पौली। विकास खंड पौली क्षेत्र के अतरौलिया स्थित ग्रुप चिल्ड्रन्स एकेडमी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि विद्यालय की मारुति स्कूली वैन से गिरकर दो मासूम बच्चियां घायल हो गईं। हादसा अतरौलिया-गोविंदगंज मार्ग पर हुआ। घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, स्कूली वैन बच्चों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान वाहन से दो बच्चियां नीचे गिर गईं और घायल हो गईं। घायल बच्चियों में धनघटा क्षेत्र के दुल्हापार गांव निवासी पांच वर्षीय सहजीन पुत्री जाहिद ni अली तथा सात वर्षीय फैजान की पुत्री बताई जा रही हैं। दोनों के घायल होने के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि स्कूली वाहन में बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। वाहन में बच्चों को ले जाने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, यह जांच का विषय है। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की वाहन व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिना पंजीकरण विद्यालय संचालन पर भी सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विद्यालय बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि विद्यालय का पंजीकरण नहीं है तो वह लंबे समय से संचालित कैसे हो रहा है? विद्यालय में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए लगाए गए वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, चालक के दस्तावेज और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्यों नहीं की गई?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विद्यालय और उससे जुड़े स्कूली वाहनों की नियमानुसार जांच की गई होती तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
हादसे का जिम्मेदार कौन?
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि स्कूली वाहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय और उसके वाहनों का कभी निरीक्षण किया? यदि निरीक्षण हुआ तो कमियां सामने क्यों नहीं आईं और यदि निरीक्षण नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
अभिभावकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय के पंजीकरण, स्कूली वाहन के दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोष पाए जाने पर विद्यालय प्रबंधन और संबंधित वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल घटना ने विद्यालयों में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।
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