गोरखपुर पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद का प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला।
गोरखपुर पहुंचे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एनेक्सी भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर जमकर निशाना साधा।गोरखपुर की व्यवस्था पर तंज अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने तंजिया लहजे में कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “पहले सिर्फ नेपाल ही ऐसा देश था जहां बिना पासपोर्ट के जाया जा सकता था, लेकिन अब गोरखपुर को ही ‘स्पेन’बना दिया गया है,जहां बिना पासपोर्ट के आने-जाने जैसी स्थिति पैदा हो गई है।एयरपोर्ट से शहर आते समय की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने एम्स (AIIMS) गोरखपुर की बदहाली का मुद्दा उठाया।उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में छह गेट हैं, लेकिन आमतौर पर केवल एक ही गेट खुला रहता है।इसी अव्यवस्था के कारण हाल ही में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जो बेहद चिंताजनक है।सरकार की नीतियों और जमीनी हकीकत पर सवाल
सरकार पर हमला बोलते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि नाम बदलना इस सरकार की आदत बन चुकी है।उन्होंने कहा कि गोरखपुर का नाम भले ही “स्पेन”रख दिया जाए,लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदली है। आज भी शहर में गंदगी,जलजमाव और बदहाल सफाई व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है।जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है और सरकार इस दिशा में पूरी तरह गंभीरहीन नजर आ रही है।आगामी चुनाव और उम्मीदवार पर स्थिति
आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत जारी है। पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, वह उसे शिरोधार्य करेंगे।उन्होंने संकेत दिया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर स्थिति साफ हो जाएगी कि वह स्वयं चुनाव लड़ेंगे या पार्टी किसी अन्य प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी।
कानून व्यवस्था और एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया
अंकित बालुआ हत्याकांड पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हुई यह घटना बेहद चिंताजनक है। भले ही पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हो और दो का एनकाउंटर हुआ हो,लेकिन यह घटना प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।उन्होंने जोर देकर कहा कि एनकाउंटर से न्याय पूरा नहीं होता और न ही इससे पीड़ित को वापस लाया जा सकता है।यह स्थिति दर्शाती है कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
युवाओं के मुद्दे और शिक्षा व्यवस्था
बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच चल रही बयानबाजी और वीडियो वार पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के राजनीति आरोप-प्रत्यारोप से कोई लेना-देना नहीं है।उनकी प्राथमिकता प्रदेश के बेरोजगार युवा,छात्र और लगातार हो रहे पेपर लीक के मामले हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि अब स्कूलों की वास्तविक स्थिति दिखाने पर भी रोक लगाई जा रही है,जो शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति को छिपाने की एक नाकाम कोशिश है।Gen Z मूवमेंट और भीम आर्मी का योगदान
‘Gen Z मूवमेंट’ का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि आज जिस आंदोलन की चर्चा हो रही है,उस दिशा में उनकी टीम पिछले दस वर्षों से निरंतर काम कर रही है।भीम आर्मी द्वारा शुरू की गई ‘पाठशालाएं’ इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई अलख जगाई है।
अश्मिता चंद को टिकट दिए जाने पर टिप्पणी
अश्मिता चंद को टिकट दिए जाने के सवाल पर उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि यह वही परिवार है जिसने वर्ष 2003 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) से अलग होकर सरकार गिराने में मुख्य भूमिका निभाई थी।हालांकि,उन्होंने इस मुद्दे पर आगे अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।नेपाल बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर गहरी संवेदना व्यक्त की।उन्होंने कहा कि वह इस संकट की घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जल्द ही हालात सामान्य हों ताकि लोग अपना सामान्य जीवन पुनः शुरू कर सकें।
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