जमीन विवाद में महिला के दोहरे आरोपों से मचा हड़कंप, छप्पर-पिलर गिराने से लेकर पुलिसकर्मी पर मोबाइल छीनने तक के गंभीर आरोप
धनघटा। थाना धनघटा क्षेत्र के भिटहा उर्फ कटहा गांव निवासी आरती देवी पत्नी श्रीराम का जमीन विवाद अब गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है। महिला ने पहले जहां गांव के कुछ लोगों पर उसकी जमीन पर कब्जे की कोशिश, छप्पर व पक्का पिलर गिराने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए आराजी संख्या 373 की पैमाइश कराने की मांग की थी, वहीं अब उसने धनघटा थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, आरती देवी के पति रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। महिला का कहना है कि उसके पति ने आराजी संख्या 373 में उसके नाम से बैनामा कराया है और उक्त भूमि पर उसका कब्जा है।
महिला ने आरोप लगाया कि 15 मई 2026 को करीब 12:30 बजे राजेंद्र पुत्र रामबेलास और सुनील पुत्र लालजी सहित कई लोग एकजुट होकर उसके छप्पर और पक्के पिलर को गिराने लगे। विरोध करने पर कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसे मारने के लिए दौड़ाया गया। महिला का कहना है कि वह भागकर घर में घुस गई, जिससे उसकी और उसके बच्चों की जान बच सकी। आरोप है कि इसके बाद भी उसके घर के दरवाजे के सामने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई तथा उसे दोबारा छप्पर बनाने नहीं दिया जा रहा है। महिला ने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा भी किया है।
वहीं, 12 सितंबर 2026 को करीब दो बजे हुई दूसरी घटना को लेकर आरती देवी ने धनघटा थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, पुलिसकर्मी पुलिस बल के साथ उसके पास पहुंचे और जमीन विवाद को लेकर बार-बार प्रार्थना पत्र देने पर कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए उसे धमकाया।
महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उसका मोबाइल मांगा और देने से मना करने पर जबरन मोबाइल छीन लिया। इसके बाद थाने के गेट के सामने मोबाइल से उसकी फोटो खींची गई और कथित तौर पर ओटीपी भी लिया गया। शिकायत में महिला ने पुलिसकर्मी पर उसके पति को लेकर भी धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
आरती देवी ने अपनी शिकायत में लेखपाल, कानूनगो और पुलिस की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर वह कई बार थाना और तहसील दिवस में शिकायत कर चुकी है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला।
अब महिला ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आराजी संख्या 373 की राजस्व टीम से पैमाइश, जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने तथा कथित घटनाओं में उचित कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस व प्रशासनिक जांच तथा संबंधित दूसरे पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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