सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी से बढ़ता है हादसों का खतरा, नाबालिगों को वाहन न दें अभिभावक: एआरटीओ प्रियंवदा सिंह
खलीलाबाद पब्लिक स्कूल में रोड सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम, एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने छात्रों को दिलाई यातायात नियमों के पालन की शपथ
संत कबीर नगर।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से खलीलाबाद पब्लिक स्कूल में रोड सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एआरटीओ प्रियंवदा सिंह और ट्रैफिक इंस्पेक्टर परमहंस ने छात्र-छात्राओं को सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने, यातायात नियमों का पालन करने और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों ने अभिभावकों से 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन न चलाने देने की अपील की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधक विवेक खन्ना और प्रधानाचार्या अनुराधा खन्ना द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। प्रधानाचार्या अनुराधा खन्ना ने एआरटीओ प्रियंवदा सिंह को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया, एवं प्रबंधक विवेक खन्ना ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर परमहंस को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया।
प्रधानाचार्या अनुराधा खन्ना ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। विद्यालय की जागरूकता पहल के तहत ‘सेफ रोड्स, सेफ लाइव्स, सेफ फ्यूचर’ का संदेश भी दिया गया।
हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग जरूरी
मुख्य अतिथि एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रमुख नियमों की जानकारी दी। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने, जेब्रा क्रॉसिंग से सड़क पार करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने पर जोर दिया। प्रश्नोत्तर के माध्यम से उन्होंने बच्चों से संवाद किया और उन्हें यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई।
गलत दिशा में वाहन चलाने से बढ़ता है दुर्घटनाओं का खतरा
ट्रैफिक इंस्पेक्टर परमहंस ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग करना तथा हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने कम उम्र के बच्चों द्वारा वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग और ओवरलोडिंग जैसी लापरवाहियों से होने वाले खतरों के प्रति भी विद्यार्थियों को सचेत किया।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। इससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही सड़क पर अन्य लोगों की जान को भी खतरे से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को समझाया गया कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों तक सीमित जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पैदल यात्रियों और समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और उनके पालन से दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम का संदेश रहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, सतर्क रहें और सुरक्षित घर पहुंचें।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय व्यवस्थापक विष्णु यादव,उप प्रधानाचार्या पूनम पांडेय , दुर्गेश सिंह, अभिनाश पांडेय ,नदीम,अर्चना त्रिपाठी,बृजेश यादव सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
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