भवन निर्माण में देरी पर किसान अनशन पर बैठे
– पाली के भिटहा प्राथमिक विद्यालय का जर्जर भवन गिराकर बच्चों को पंचायत भवन में कराया गया शिफ्ट, निर्माण में मनमानी का आरोप
सहजनवा : पाली ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भिटहा के नए भवन निर्माण में देरी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। भवन परिसर में बुजुर्ग किसान पुरुषोत्तम चौबे अनशन पर बैठ गए। आरोप है कि निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार की मनमानी के कारण काम समय से पूरा नहीं हो रहा है। बच्चों को पंचायत भवन में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्राथमिक विद्यालय भिटहा का पुराना भवन जर्जर हो गया था। हादसे की आशंका को देखते हुए ध्वस्त करा दिया गया। इसके बाद विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को पंचायत भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था लंबे समय से चल रही है, लेकिन नए भवन का निर्माण पूरा नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बुजुर्ग किसान पुरुषोत्तम चौबे ने बताया कि विद्यालय भवन की समस्या को लेकर कई बार जिलाधिकारी से मुलाकात कर ग्रामीणों और बच्चों की परेशानी बताई थी। इसके बाद जिलाधिकारी की निधि से भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। आरोप है कि धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद ठेकेदार निर्माण कार्य में मनमानी कर रहा है और काम की गति बेहद धीमी है। कहा कि जब तक निर्माण कार्य में तेजी लाकर विद्यालय भवन को तैयार नहीं कराया जाता, तब तक वह अनशन जारी रखेंगे। ग्रामीणों ने भी जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
*पंचायत भवन में पढ़ाई के दौरान बच्चों को परेशानी*
विद्यालय का अपना भवन नहीं होने से पंचायत भवन में पढ़ाई कर रहे बच्चों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन का उपयोग अन्य कामों के लिए भी होता है, जिससे पढ़ाई के लिए पर्याप्त जगह और शांत माहौल नहीं मिल पाता। कक्षाएं सीमित स्थान में संचालित होने से बच्चों को बैठने में परेशानी होती है। शिक्षकों को भी कक्षाओं का संचालन व्यवस्थित करने में दिक्कत आती है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए स्थायी भवन जल्द तैयार होना जरूरी है।
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सहजनवा : पाली ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भिटहा के नए भवन निर्माण में देरी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। भवन परिसर में बुजुर्ग किसान पुरुषोत्तम चौबे अनशन पर बैठ गए। आरोप है कि निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार की मनमानी के कारण काम समय से पूरा नहीं हो रहा है। बच्चों को पंचायत भवन में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्राथमिक विद्यालय भिटहा का पुराना भवन जर्जर हो गया था। हादसे की आशंका को देखते हुए ध्वस्त करा दिया गया। इसके बाद विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को पंचायत भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था लंबे समय से चल रही है, लेकिन नए भवन का निर्माण पूरा नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बुजुर्ग किसान पुरुषोत्तम चौबे ने बताया कि विद्यालय भवन की समस्या को लेकर कई बार जिलाधिकारी से मुलाकात कर ग्रामीणों और बच्चों की परेशानी बताई थी। इसके बाद जिलाधिकारी की निधि से भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। आरोप है कि धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद ठेकेदार निर्माण कार्य में मनमानी कर रहा है और काम की गति बेहद धीमी है। कहा कि जब तक निर्माण कार्य में तेजी लाकर विद्यालय भवन को तैयार नहीं कराया जाता, तब तक वह अनशन जारी रखेंगे। ग्रामीणों ने भी जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
*पंचायत भवन में पढ़ाई के दौरान बच्चों को परेशानी*
विद्यालय का अपना भवन नहीं होने से पंचायत भवन में पढ़ाई कर रहे बच्चों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन का उपयोग अन्य कामों के लिए भी होता है, जिससे पढ़ाई के लिए पर्याप्त जगह और शांत माहौल नहीं मिल पाता। कक्षाएं सीमित स्थान में संचालित होने से बच्चों को बैठने में परेशानी होती है। शिक्षकों को भी कक्षाओं का संचालन व्यवस्थित करने में दिक्कत आती है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए स्थायी भवन जल्द तैयार होना जरूरी है।
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