संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे 150 फरियादी, डीएम ने गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश
सहजनवा तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। समाधान दिवस में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से करीब 150 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने एक-एक कर शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस के दौरान तहसील सभागार में सुबह से ही फरियादियों की आवाजाही बनी रही। लोगों ने राजस्व, भूमि विवाद, कब्जा, रास्ते, सीमांकन, पुलिस, पारिवारिक विवाद, विद्युत, विकास कार्य और नगर निकाय से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके तथ्यों की जांच की जाए तथा नियमानुसार शिकायतकर्ता को राहत दिलाई जाए।
केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, प्रभावी समाधान जरूरी : डीएम
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि फरियादियों की समस्याओं का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान कराना है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव है, उनमें तत्काल कार्रवाई की जाए। वहीं जिन प्रकरणों में स्थलीय जांच आवश्यक है, उनमें संबंधित अधिकारी अथवा उनकी टीम मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करे और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
डीएम ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में महज औपचारिकता पूरी न की जाए। शिकायतकर्ता की बात, उपलब्ध राजस्व अभिलेखों और मौके की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करने के बाद ही निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। उन्होंने निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता को दी गई राहत की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए।
भूमि विवादों के निस्तारण में राजस्व-पुलिस के समन्वय पर जोर
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में भूमि विवाद, कब्जा, रास्ते और सीमांकन से संबंधित शिकायतें सामने आने पर जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों का समय से और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाना जरूरी है, ताकि छोटे विवाद आगे चलकर गंभीर विवाद अथवा कानून-व्यवस्था की समस्या का रूप न ले सकें।
उन्होंने निर्देशित किया कि राजस्व से जुड़े मामलों में संबंधित पक्षों की मौजूदगी में निष्पक्ष जांच कराई जाए। राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण जरूरी है, उनमें अधिकारी स्वयं अथवा अपनी टीम को मौके पर भेजकर समस्या की वास्तविक स्थिति की जांच करें।
अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता की भी समीक्षा की जाए, जिससे फरियादियों को वास्तविक राहत मिल सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस से जुड़ी शिकायतों में तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने से पूरे दिन तहसील परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रही। अधिकारियों ने फरियादियों को उनकी शिकायतों के नियमानुसार निस्तारण का भरोसा दिलाया।
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