विकास कार्यों के अभाव में बदहाल भीटहा का शाहपुर, ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी
पाली/गोरखपुर। पाली क्षेत्र के भीटहा ग्राम सभा के मौजा शाहपुर में ग्रामीणों ने विकास कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में न तो सड़कों की स्थिति सुधरी है और न ही नालियों की समुचित व्यवस्था की गई है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। जगह-जगह जलभराव होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की नालियों में लाखों रुपये खर्च कर पाइप डाले गए, लेकिन इसके बावजूद जलनिकासी की समस्या दूर नहीं हुई। कई स्थानों पर नालियों का पानी बाहर निकलकर रास्तों पर फैल जाता है। इससे बरसात के समय रास्ते कीचड़ और पानी से भर जाते हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीण मोनू यादव, अल्ताफ आलम, आफताब आलम, मोहम्मद हसन, जावेद अली, नीरज यादव, इरफान खान और सद्दाम खान आदि ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान गांव में नियमित रूप से नहीं आते और ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए उपलब्ध नहीं रहते। ग्रामीणों के मुताबिक विकास कार्यों में उनकी समस्याओं और जरूरतों का पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते, जिसके चलते नालियां गंदगी से पट जाती हैं और जलनिकासी बाधित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई व्यवस्था ठीक होने पर नालियों और रास्तों की स्थिति में काफी सुधार हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार शाहपुर का यह रास्ता गांव के अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में सड़क और नाली की बदहाल स्थिति का सीधा असर बड़ी संख्या में ग्रामीणों पर पड़ रहा है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराकर सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराने तथा विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद यदि जलनिकासी और आवागमन की समस्या बनी हुई है तो कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से गांव में नियमित सफाई कराने और बरसात से पहले जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
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