यूनिसेफ का शक्ति मंत्र अब गांव की बहू-बेटी खुद बनेगी अपनी रक्षक, पुलिस ने सिखाए आत्मरक्षा के गुर।
बेटियों और बहुओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर यूनिसेफ की ओर से सराहनीय पहल की गई है। विकास खण्ड पाली के ब्लॉक सभागार में शनिवार को खण्ड विकास अधिकारी बृजेश यादव की अध्यक्षता में बहू-बेटी सम्मेलन के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों की महिला कर्मियों को एक मंच पर लाकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुएं, पंचायती राज विभाग की महिला प्रतिनिधि और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। सभी को महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सत्र को पुलिस विभाग की महिला सशक्तिकरण प्रभारी उप निरीक्षक हर्षित कुमार ने संबोधित किया। उनके साथ महिला आरक्षी साधना, मानसी पटेल और मास्टर ट्रेनर पल्लवी त्रिपाठी ने महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज उत्पीड़न, साइबर क्राइम, 1090 वूमेन पावर लाइन, 112 इमरजेंसी सेवा और मिशन शक्ति की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी बृजेश यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि गांव के विकास की बुनियाद है। जब हमारी बहू-बेटियां सुरक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी सशक्त समाज का निर्माण होगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि हर महिला अपने अधिकारों को जाने और दूसरी महिलाओं को भी जागरूक करे।
इस दौरान स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी लोकेश सोनी, उप निरीक्षक राकेश यादव, सौरभ शर्मा, मुकेश कुमार, चंद्रभान, उपेंद्र यादव,अविनाश यादव, शशि कला, शीला सिंह, सुनीता सिंह, रीता सिंह, संगीता, आशा, शांति, मंजू सिंह, सुनीता यादव, खुशबू निशा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्त्रियां मौजूद रहीं।
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