गिट्टी डालकर फरार हुआ ठेकेदार, सड़क पर बैठकर ग्रामीणों ने किया अनोखा प्रदर्शन
सहजनवां तहसील क्षेत्र के गुलटही ग्राम पंचायत में पानी की टंकी से प्राथमिक विद्यालय तक विधायक निधि से बन रही पक्की सड़क का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ठेकेदार द्वारा सड़क पर गिट्टी डालकर निर्माण कार्य बंद कर दिए जाने से रास्ता पूरी तरह उबड़-खाबड़ हो गया है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को निर्माण कार्य में हो रही देरी और सड़क की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण निर्माणाधीन सड़क पर ही सिर पकड़कर बैठ गए और जिम्मेदारों के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण शुरू होने से उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही आवागमन की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन ठेकेदार द्वारा गिट्टी डालने के बाद काम बंद कर दिया गया। कई दिनों से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने के कारण सड़क पर बिखरी गिट्टी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में अनावश्यक रूप से देरी की जा रही है। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण बच्चों को विद्यालय आने-जाने में दिक्कत हो रही है। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों को भी गिट्टी पर फिसलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने ठेकेदार रत्नेश पांडेय और आरईएस के जेई सुबोध तिवारी पर निर्माण कार्य को समय से पूरा कराने में लापरवाही बरतने तथा गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराकर उसे गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा नहीं कराया गया तो वे तहसील दिवस पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की निधि से स्वीकृत विकास कार्य को इस तरह अधूरा छोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की स्थिति की जांच कराने और जल्द सड़क को पूरा कराने की मांग की है।
वहीं, इस संबंध में आरईएस के जेई सुबोध तिवारी ने बताया कि ठेकेदार को निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठेकेदार द्वारा काम शुरू नहीं कराया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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