समूह सखियों ने उठाई आवाज मानदेय बढ़ाकर ₹20,000 करने समेत 7 मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
कौशाम्बी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वयं सहायता समूहों के सुचारू संचालन में अहम भूमिका निभाने वाली समूह सखियों ने अपने हक की लड़ाई तेज कर दी है।कौशाम्बी जिले में समूह सखियों ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।समूह सखियों का कहना है कि वे धरातल पर रात-दिन मेहनत कर ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ती हैं और उनके संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालती हैं।इसके बावजूद वर्तमान में उन्हें महज ₹2,000 प्रतिमाह का बेहद मामूली मानदेय दिया जा रहा है,जिससे इस महंगाई के दौर में गुजर-बसर करना बेहद कठिन हो गया है।ज्ञापन में रखी गईं 7 प्रमुख मांगें।वर्तमान ₹2,000 के मानदेय को बढ़ाकर ₹20,000 प्रतिमाह किया जाए।समूह सखियों को स्थायी (परमानेंट) कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए।LOKOS ऐप पर डिजिटल एंट्री का काम आसान बनाने के लिए स्मार्टफोन या टैबलेट दिया जाए।काम से जुड़े ऑनलाइन कार्यों के लिए हर महीने मोबाइल रिचार्ज का भत्ता मिले।मानदेय का भुगतान सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में और हर महीने समय से किया जाए।दुर्घटना बीमा/आर्थिक सहायता: काम के दौरान किसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को ₹2.50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए।ग्रामीण आजीविका मिशन की रीढ़ मानी जाने वाली इन समूह सखियों का मानना है कि उनकी मांगें पूरी तरह से न्याय
समूह सखियों ने उठाई आवाज मानदेय बढ़ाकर ₹20,000 करने समेत 7 मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
कौशाम्बी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वयं सहायता समूहों के सुचारू संचालन में अहम भूमिका निभाने वाली समूह सखियों ने अपने हक की लड़ाई तेज कर दी है।कौशाम्बी जिले में समूह सखियों ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।समूह सखियों का कहना है कि वे धरातल पर रात-दिन मेहनत कर ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ती हैं और उनके संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालती हैं।इसके बावजूद वर्तमान में उन्हें महज ₹2,000 प्रतिमाह का बेहद मामूली मानदेय दिया जा रहा है,जिससे इस महंगाई के दौर में गुजर-बसर करना बेहद कठिन हो गया है।ज्ञापन में रखी गईं 7 प्रमुख मांगें।वर्तमान ₹2,000 के मानदेय को बढ़ाकर ₹20,000 प्रतिमाह किया जाए।समूह सखियों को स्थायी (परमानेंट) कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए।LOKOS ऐप पर डिजिटल एंट्री का काम आसान बनाने के लिए स्मार्टफोन या टैबलेट दिया जाए।काम से जुड़े ऑनलाइन कार्यों के लिए हर महीने मोबाइल रिचार्ज का भत्ता मिले।मानदेय का भुगतान सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में और हर महीने समय से किया जाए।दुर्घटना बीमा/आर्थिक सहायता: काम के दौरान किसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को ₹2.50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए।ग्रामीण आजीविका मिशन की रीढ़ मानी जाने वाली इन समूह सखियों का मानना है कि उनकी मांगें पूरी तरह से न्यायसंगत हैं।
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