बिड़हर घाट के मोक्षधाम को ग्रीन वैली बनाने की मुहिम में जुटे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नीलमणि
– बिड़हर घाट के दक्षिणी किनारे पर तैयार हो रहा सुविधाओं का संजाल
– विश्रामालय, इंडिया मार्का हैंड पंप, उतरने की सीढ़ियां, शौचालय की हो चुकी है व्यवस्था
– हरिशंकरी पौधों के विस्तारीकरण से लेकर फुलवारी और ग्रास प्लांटेशन मोक्ष धाम के वायुमंडल को बनाएंगे स्वच्छ
धनघटा संत कबीर नगर
सुनील राय लोहरैया
संवेदनशीलता और विजन एक शानदार और सफल व्यक्तित्व के आभूषण माने जाते हैं। जब यही आभूषण किसी सियासी व्यक्तित्व की बुनियाद हों तो उस क्षेत्र के बेहतर भविष्य की रूपरेखा खुद ब खुद तैयार हो जाती है। ऐसी ही एक सियासी शख्शियत इन दिनो धनघटा विधानसभा क्षेत्र में अपनी संवेदनशीलता और विजनरी सोंच से क्षेत्र के विकास के प्रति समर्पित नजर आ रहा है। धनघटा विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी एवं भाजपा नेता नीलमणि ने बिड़हर घाट के दक्षिणी किनारे पर मोक्ष धाम स्थापित करने का बीड़ा उठाया। संतकबीरनगर जिले के लोग अपने सगे संबंधियों के अंतिम संस्कार के लिए वर्ष के 6 महीने इसी छोर पर आते हैं। पहले इस छोर पर किसी तरह की व्यवस्था नहीं होने के चलते लोग बड़ी मुश्किल से घाट तक पहुंच पाते थे। नीलमणि ने अपने निजी संसाधनों से पुल के अप्रोच से नीचे उतरने के लिए न सिर्फ सीढ़ियों का निर्माण कराया बल्कि दाह संस्कार में आने वाले लोगों के लिए विश्रामालय, स्वच्छ पेय जल के लिए इंडिया मार्का हैंड पंप और शौचालय का निर्माण भी कराया। लगातार चलने वाले दाह संस्कार के चलते इस परिधि का वातावरण दूषित हो जाता है ऐसे में इस मोक्षधाम परिसर में आक्सीजन लेबल बेहतर रखने के लिए इसे ग्रीन वैली के रूप में विकसित करने की योजना तैयार किया। इसके तहत जगह जगह हरिशंकरी पौधों (पीपल, बरगद, पाकड़ )का रोपण करके उन्हें संरक्षित करने का इंतजाम कराया। यह हरिशंकरी पौधा जहाँ पौराणिक महत्ता से परिपूर्ण है वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के तहत शुद्ध ऑक्सीजन का सर्वश्रेष्ठ श्रोत होने के साथ ही जल संरक्षण का बेहतर संसाधन भी माना जाता है। इतना ही नहीं मोक्षधाम के वातावरण को बेहतर बनाने के लिए एरिका पाम के पौधों के रोपण की कार्ययोजना के साथ ही फुलवारी और ग्रास प्लांटेशन को विकसित करके समूचे परिसर को ग्रीन वैली के रूप में विकसित करने का प्रयास अंतिम दौर में है। इस प्रस्तावित ग्रीन वैली के बारे में नीलमणि ने बताया कि अपने क्षेत्र के लोगों को ऐसी जगह बेहतर सुविधा देने के साथ ही उनके बेहतर स्वास्थ्य की चिंता करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। जिस तरह यहां दाह संस्कार के चलते फ़िज़ाओं में विचारित ऑक्सीजन दूषित होता है इससे यहां आने वालों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लोगों को स्वच्छ ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए इस जोन को ग्रीन वैली के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रहा हूं। उम्मीद है कि बहुत जल्द ही प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
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