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करोड़ों की निवेश धोखाधड़ी में दो वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

Ramesh Dubey

संतकबीरनगर में साइबर क्राइम थाना और थाना महुली पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह के दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को उनके निवास स्थान से पकड़ा गया और माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विक्रांत प्रकाश सिंह पुत्र विद्या प्रकाश सिंह, निवासी ग्राम गायघाट, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर, और सत्यप्रकाश यादव पुत्र रामलालित यादव, निवासी ग्राम चंद्रहर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी थाना महुली पर पंजीकृत मु0अ0सं0 384/2025 से संबंधित मामले में की गई है।

घटना का विवरण देते हुए बताया गया कि 18 अक्टूबर 2025 को वादी श्री संतलाल मौर्य निवासी हटवा, थाना महुली ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विश्वनाथपुर में संचालित TVS Solution एवं AIIPL Trading के नाम से कार्यालय चलाने वाले व्यक्तियों ने शेयर मार्केट में 50 से 60 प्रतिशत तक लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे विभिन्न माध्यमों से कुल ₹51,00,000 का निवेश कराया। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद न तो लाभ दिया गया और न ही निवेश की गई धनराशि वापस मिली, जिससे उन्हें ज्ञात हुआ कि अभियुक्तों ने धोखाधड़ी कर धनराशि हड़प ली है। इस तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई, जिसमें पहले ही मुख्य अभियुक्त धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति को गिरफ्तार कर पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछताछ और साक्ष्य संकलित किए जा चुके हैं।

जांच में यह सामने आया कि अभियुक्त अपने सहयोगियों के माध्यम से लोगों को अधिक लाभ का प्रलोभन देकर AIIPL Trading नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश कराते थे। निवेशकों को प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल बैलेंस और बढ़ता हुआ लाभ दिखाया जाता था, जबकि वास्तविक रूप से धनराशि शेयर बाजार में निवेश नहीं की जाती थी। इसके बजाय, नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था, जो कि एक पॉन्जी स्कीम का तरीका था। इस प्रकार, इस गिरोह द्वारा लगभग ₹30 करोड़ की धनराशि एकत्रित की गई। विवेचना में गिरफ्तार विक्रांत प्रकाश सिंह और सत्यप्रकाश यादव की सक्रिय भूमिका सामने आई है। ये दोनों अभियुक्त निवेशकों को जोड़ने, धनराशि प्राप्त करने और नकद तथा बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित करने में शामिल पाए गए। जांच में यह भी पता चला कि विक्रांत प्रकाश सिंह ने लगभग ₹4 करोड़ और सत्यप्रकाश यादव ने लगभग ₹50 लाख की अवैध संपत्ति अर्जित की, जिससे खजनी, सहजनवां और संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

संकलित साक्ष्यों के आधार पर पहले की धाराओं 318(4), 316(2) बीएनएस को परिवर्तित कर धारा 316(5), 61 बीएनएस के तहत दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मुख्य अभियुक्तों द्वारा अपराध से अर्जित धन से लखनऊ में खरीदे गए मकान को धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत जब्त किए जाने हेतु माननीय न्यायालय में रिपोर्ट प्रेषित की है। साथ ही, अपराध से अर्जित संपत्तियों के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर उप निबंधक कार्यालय खलीलाबाद, खजनी और सहजनवां के माध्यम से रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 श्री ललितकान्त यादव, आरक्षी सौरभ यादव और आरक्षी शिवम यादव शामिल थे।



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