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संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशानुसार जनपद में चलाए जा रहे “क्रैक साइबर क्राइम अभियान” के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के प्रयासों के तहत, महुली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्यवाही की है। इस सक्रियता के परिणामस्वरूप, साइबर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित को ₹5000/- (पांच हजार रुपये) की धनराशि सफलतापूर्वक वापस दिलवाई गई है।
यह मामला तब सामने आया जब महुली थाना क्षेत्र के ग्राम महुली निवासी पवन कुमार पुत्र बजरंगी ने दिनांक 24.10.2025 को शिकायत दर्ज कराई कि उनका मोबाइल गुम हो गया था, जिससे किसी अज्ञात व्यक्ति ने यूपीआई आईडी बनाकर पैसे ट्रांसफर कर लिए। शिकायत मिलते ही, महुली पुलिस और साइबर टीम ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए आवश्यक कार्यवाही शुरू की। निरंतर प्रयासों के बाद, दिनांक 07.07.2026 को पीड़ित के खाते में ₹5000/- की पूरी धनराशि वापस आ गई। यह राशि वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
इस कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी महुली, उपनिरीक्षक श्री दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी महुली, उपनिरीक्षक श्री अनुज कुमार यादव, तथा कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी शामिल थे। जनपद पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई है। साइबर ठगी होने की स्थिति में, तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते उचित कार्यवाही की जा सके।
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