बस्ती: बच्चों की जान से खिलवाड़ नहीं – मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 के तहत प्रशासन सख्त, 43 स्कूलों को ADM की दो टूक – कागज अधूरे तो नहीं दौड़ेगी एक भी स्कूली गाड़ी*
*{स्कूली वाहनों के लिए नई गाइडलाइन जारी, हर बस में महिला परिचर अनिवार्य, ऑटो-टेंपो- ई-रिक्शा से बच्चों को लाने पर पूर्ण प्रतिबंध*
बस्ती। जनपद में स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’ के अंतर्गत बुधवार, 24 सितंबर को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की एक विशेष बैठक अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जनपद के 43 प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधनों को कड़े निर्देश जारी किए।
⚠️प्रशासन के 7 सख्त निर्देश ⚠️-
*👉1. हर स्कूल में बनेगी परिवहन समिति:* प्रत्येक *विद्यालय में अनिवार्य रूप से ‘विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति’ का गठन किया जाए। इस समिति की बैठक हर साल जुलाई, अक्टूबर, जनवरी और अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए।*
*👉2. बिना पूरे कागज के नहीं चलेगा वाहन:* *कोई भी विद्यालय वाहन तब तक बच्चों के परिवहन में उपयोग नहीं होगा, जब तक उसके समस्त प्रपत्र पूर्ण न हों। समिति द्वारा सभी वाहनों के पंजीकरण प्रमाण-पत्र (RC), बीमा, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC) और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की गहनता से जांच की जाएगी।*
*👉3. चालक का होगा वेरिफिकेशन: सभी स्कूली वाहन चालकों का साल में एक बार स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्येक चालक का पुलिस सत्यापन भी कराया जाए, ताकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति बच्चों के संपर्क में न आ सकें।*
*👉4. निजी वाहनों की भी होगी जांच: जो बच्चे निजी वाहनों से स्कूल आते हैं, उनके चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी।*
*👉5. जुगाड़ वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध:*
*बच्चों को लाने-ले जाने के लिए अनधिकृत रूप से चल रहे टेंपो, ऑटो, मैजिक और ई-रिक्शा के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।*
*👉6. महिला परिचर अनिवार्य:*
*प्रत्येक स्कूली वाहन में बच्चों की देखभाल के लिए एक परिचर (अटेंडेंट) और विशेष रूप से बालिकाओं के वाहनों में महिला परिचर की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।*
*👉7. सड़क सुरक्षा का पाठ:*
*सभी विद्यालयों में प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक पीरियड सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए निर्धारित किया जाए। साथ ही सुरक्षित बस स्टॉप का चिन्हीकरण भी किया जाए।*
इस अवसर पर सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार, वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) माला बाजपेई, क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन कुलदीप यादव, डॉ. अतुल कुमार पाण्डेय, अपर जिला विद्यालय निरीक्षक उदयभान वर्मा, यात्री कर अधिकारी शिव कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विद्यालय प्रबंधक और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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