वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन कार्यक्रम सम्पन्न
सहजनवां क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में भी आयोजित हुआ सामूहिक गायन कार्यक्रम
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सहजनवां, गोरखपुर। 25 सितंबर।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में द्रौपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज, लुचुई, सहजनवां, गोरखपुर के सौजन्य से शुक्रवार को विद्यालय परिसर में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भैया-बहनों, आचार्य-आचार्याओं एवं समाज के अनेक बंधु-भगिनियों ने सहभागिता करते हुए राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजसेवी श्री ईश्वर चंद्र सिंह, गोरखपुर रहे तथा अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी श्री सुधीर कुमार शुक्ल ने की। कार्यक्रम का संयोजन श्री अशोक कुमार मिश्र, प्रधानाचार्य, द्रौपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज, लुचुई ने किया।
मुख्य वक्ता श्री ईश्वर चंद्र सिंह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय जनमानस में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रभाव का सशक्त प्रतीक है। इसके 150 वर्ष पूर्ण होने का अवसर नई पीढ़ी को राष्ट्रगीत के इतिहास, भाव और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है।
इस अवसर पर क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए गए। द्रौपदी देवी गीता देवी सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज, लुचुई के सौजन्य से विकास एकेडमी, घपसरा, पाली, गोरखपुर; ग्लोबल सन एकेडमी, अरीला पार, सहजनवां, गोरखपुर तथा श्री कृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर, लुचुई, सहजनवां, गोरखपुर में भी ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन सम्पन्न हुआ।
इन विद्यालयों को कार्यक्रम से जोड़ने तथा व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से आयोजन को विस्तार देने में श्री अनिल कुमार मिश्री, श्री श्याम सुंदर त्रिपाठी, श्री जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, श्री शैलेंद्र कुमार गुप्त श्री राम शब्द यादव जी , रोहित कुमार शर्मा जी ,कु शिवांगी मिश्रा जी एवं श्री पवन कुमार शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक श्री विनोद कुमार अग्रवाल, विद्यालय के आचार्य-आचार्याओं सहित समाज के अनेक बंधु-भगिनी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर राष्ट्रभाव की अभिव्यक्ति की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए श्री अशोक कुमार मिश्र, प्रधानाचार्य ने सहयोगी विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों, आचार्य-आचार्याओं, भैया-बहनों तथा कार्यक्रम से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सामूहिक आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“एक स्वर, एक लय, एक राष्ट्रभाव” के भाव के साथ सम्पन्न कार्यक्रम ने क्षेत्र में राष्ट्रीय चेतना और सहभागिता का संदेश दिया।
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