गीडा के पार्कों के काम पर उठे सवाल, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच की मांग
सहजनवा/गोरखपुर। सहजनवा स्थित गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर-23 आवासीय कॉलोनी में पार्कों के आसपास जलनिकासी व्यवस्था बेहतर करने के लिए चल रहा निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गया है। स्थानीय निवासियों ने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंट, सीमेंट और गिट्टी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए गीडा प्रशासन से मौके पर तकनीकी निरीक्षण कराने और निर्माण सामग्री के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बरसात के दौरान सेक्टर-23 के पार्कों और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आती है। इसी को देखते हुए पार्कों के आसपास नालियों को ऊंचा करने और जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार और मजबूत तरीके से कराया जाता है तो जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल
निवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण में इस्तेमाल हो रही ईंट, सीमेंट और गिट्टी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लोगों ने मांग की कि निर्माण पूरा होने से पहले ही सामग्री के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जाए, ताकि गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्य सरकारी धन से कराया जा रहा है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। यदि कमजोर निर्माण के कारण भविष्य में नालियां या अन्य निर्माण क्षतिग्रस्त होते हैं तो उनकी दोबारा मरम्मत पर अतिरिक्त सरकारी धन खर्च होने की आशंका रहेगी।
निर्माण के दौरान हो निरीक्षण
निवासियों ने गीडा के उच्चाधिकारियों से निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कार्य पूरा होने के बाद जांच करने के बजाय निर्माण के दौरान ही सामग्री और तकनीकी मानकों की जांच होनी चाहिए, ताकि किसी कमी को समय रहते दूर कराया जा सके।
जांच के बाद होगी कार्रवाई : अपर कार्यपालक अधिकारी
गीडा के अपर कार्यपालक अधिकारी रामप्रकाश ने बताया कि सेक्टर-23 में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर शिकायत संज्ञान में आई है। मामले की जांच कराई जाएगी तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इस्तेमाल की जा रही सामग्री का आवश्यक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में सामग्री की गुणवत्ता खराब पाई जाती है या निर्धारित मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब स्थानीय लोगों की नजर जांच की प्रक्रिया और उसके परिणाम पर है। लोगों का कहना है कि जांच मौके पर निर्माण सामग्री और पूरे कार्य की तकनीकी गुणवत्ता के आधार पर होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
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