एक स्मार्टफोन कितने लोगों की जिंदगी पर भारी! मोबाइल बना सुविधा नहीं लत, सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही बन रही है मौत की वजह_____________________
राघवेन्द्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर
संत कबीर नगर, 24 सितंबर 2026, आज मोबाइल फोन हमारी जरूरत से बढ़कर हमारी आदत और लत बनता जा रहा है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, हर समय हाथ में फोन दिखाई देता है। बाथरूम जाते समय फोन का इस्तेमाल, रास्ते में चलते समय फोन का इस्तेमाल, साइकिल चलाते समय फोन का इस्तेमाल, बाइक चलाते समय फोन का इस्तेमाल, खाना खाते समय फोन का इस्तेमाल, सोने से पहले भी फोन का इस्तेमाल। ऐसा लगता है जैसे आज कोई ऐसा काम नहीं बचा है, जहाँ मोबाइल फोन हमारे साथ न हो। लेकिन सबसे खतरनाक बात तब होती है जब हम सड़क पर चलते या वाहन चलाते समय मोबाइल देखते हैं। कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों के पीछे एक बड़ी वजह वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग भी सामने आ रही है। युवा बाइक चलाते हुए रील देखना, इयरफोन लगाकर बात करना आम हो गया है, जो न सिर्फ खुद की बल्कि दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल हमारी सुविधा के लिए है, हमारी जिंदगी से बड़ा नहीं। चलते और वाहन चलाते समय फोन को दूर रखें। फोन बाद में भी देखा जा सकता है, लेकिन जिंदगी वापस नहीं आती।
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