जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तीन प्रमुख समितियों की बैठक, वृक्षारोपण की जियोटैगिंग इसी माह पूर्ण करने के निर्देश_____________________
राघवेन्द्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर
संत कबीर नगर 25 सितंबर 2026, जिलाधिकारी अनुज मलिक की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे। चिकित्सालयों में साफ-सफाई, वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा के साथ साथ शहरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व उचित निस्तारण के निर्देश दिए गए। कlआयोजित बैठक में जिलाधिकारी द्वारा वृक्षारोपण समिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अन्तर्गत जनपद संतकबीरनगर में शासन द्वारा वन विभाग को 14.50 लाख एवं अन्य विभाग को 19.07 लाख वृक्षारोपण कराये जाने हेतु लक्ष्य आवंटित किया गया था जिसके सापेक्ष अन्य विभागों द्वारा कराये गये वृक्षारोपण की जियोटैगिंग सम्बन्धित प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके विभाग में आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष कराए गए वृक्षारोपण की जियोटैगिंग का कार्य इसी माह में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम, 2016 के अनुपालन के अन्तर्गत स्थानीय निकाय के विभिन्न क्षेत्रों से जनित नगरीय ठोस अपशिष्ट के एकत्रण तथा अन्तिम निस्तारण तक परिवहन किये जाने हेतु सेकेण्ड्री स्टोरेज फैसेलिटीज की स्थिति पर आंकड़ेवार जानकारी प्राप्त करते हुए दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने जनपद के सभी 7 नगर पंचायतों एवं नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में स्थापित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटरों की क्षमता एवं वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्र में नियमित तौर पर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य किया जाए, साथ ही साथ सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित रखी जाए। जिलाधिकारी द्वारा समस्त नगर पंचायतों में कूड़ा डंपिंग किए जाने वाले स्थलों की सूची उपलब्ध कराने हेतु अधिशाषी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि कैटेगरी के अनुसार सुखा एवं गीला कचरा अलग-अलग स्थलों पर डंप करते हुए उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी द्वारा नगरीय निकायवार सैनिटरी लैंडफिल के लिए भूमि की आवश्यकता एवं भूमि संबंधी समस्याओं, कम्पोस्टिंग/प्रसंस्करण सुविधाओं तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित अन्य लंबित प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गये, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बैठक में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन की भी समीक्षा की गई, जिसमें जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जनपद में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण की व्यवस्था तथा संबंधित संस्थानों की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त चिकित्सालयों में साफ-सफाई, वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था की नियमित जांच की जाती रहे जिससे कूड़े कचरे का समय से उठान होता रहे जिससे मरीजों आदि को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने वाहनों से जनित प्रदूषण से सम्बन्धित बिन्दुओं की समीक्षा करते हुए समस्त संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में पुराने वाहनों को यदि वे फिट नहीं है तो उनका चालान किया गया अथवा नियमानुसार वाहन को सीज किया जाए। जिला गंगा समिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद में सीवेज ट्रीटमेन्ट सन्यन्त्रों की स्थापना किये जाने की स्थिति पर समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि उचित जल निकासी की व्यवस्था के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जाए की जनपद की नदियों में प्रदूषित जल न जाए और नदियों की साफ सफाई की दिशा में कराए जा रहे कार्यों में प्रगति लाई जाए। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी रुक्मणी वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रामानुज कनौजिया, प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक डॉ0 राकेश कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ एस के तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, जिला पंचायतराज अधिकारी अरुण कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, बस्ती, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती व सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे। सूचना कार्यालय द्वारा प्रसारित।
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