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सीमलवाड़ा के कुंआ स्थित राजकीय नाना भाई खांट बालक छात्रावास में चौरासी विधायक अनिल कटारा द्वारा किए गए निरीक्षण के मामले में टीएडी विभाग की जांच में एक नया तथ्य सामने आया है। विधायक ने जिस कचरा मिश्रित गेहूं को देखकर बच्चों के भोजन में उपयोग होने वाला बताया था, वह वास्तव में गेहूं की सफाई के बाद बचा हुआ अवशेष था। रविवार को टीएडी विभाग की जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्चों के भोजन के लिए साफ किया हुआ गेहूं अलग से अनाज भंडार में पूरी तरह सुरक्षित रखा गया था, लेकिन निरीक्षण के समय छात्रावास अधीक्षक जगन्नाथ सेंगाडा के अनुपस्थित होने के कारण विधायक उस मुख्य स्टॉक को नहीं देख सके और सही जानकारी के अभाव में उन्हें गलतफहमी हो गई। इस मामले में छात्रावास के चौकीदार हरिप्रसाद ननोमा ने भी स्पष्ट किया कि उन्होंने विधायक को इस बारे में जानकारी दी थी कि कचरा युक्त गेहूं सफाई के बाद बचा अवशेष है और साफ गेहूं स्टॉक कक्ष में रखा है।
रविवार को टीएडी विभाग के उप जिला शिक्षा अधिकारी गेंदा लाल डामोर और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रदीप सिंह चौहान ने छात्रावास का विस्तृत दौरा कर अनाज भंडार, रसोई और परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस जांच के दौरान गेहूं को लेकर तो गलतफहमी दूर हो गई, लेकिन छात्रावास में कई अन्य कमियां खुलकर सामने आईं। अधिकारियों ने पूरे परिसर में साफ-सफाई का अभाव पाया, जिस पर अधीक्षक को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही, छात्रावास भवन की खिड़कियों, बाथरूम और दरवाजों के चल रहे मरम्मत कार्य में भी ठेकेदार की ओर से कई कमियां पाई गईं, जिन्हें तुरंत ठीक करने के आदेश दिए गए हैं।
बच्चों के हित में अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जिनमें मैस कमेटी का गठन करना, खेल सामग्री उपलब्ध कराना, एक रसोइए को बदलना और खेल के मैदान की नियमित सफाई कराना शामिल है। टीएडी विभाग ने छात्रावास अधीक्षक को सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर तीन दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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