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देश के गांवों में अंधविश्वास और पाखंडवाद इस कदर हावी है कि आज भी 95 प्रतिशत पढ़े-लिखे बेवकूफ लोग संविधान के बजाय विधान को बढ़ावा दे रहे हैं। एक तरफ जहां गांवों में यह स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ देश के नेता विदेशी टेक्नोलॉजी की बातें करते हैं। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर के अनिल कुमार प्रजापति का कहना है कि यदि देश की जनता वास्तव में विकास के मार्ग पर प्रशस्त होना चाहती है, तो सबसे पहले ‘आपरेशन कथनी और करनी में अंतर लीडर’ शुरू करना होगा।
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