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देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं है। इसी तीखे और स्पष्ट रुख के साथ आज संसद के भीतर युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है। इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया गया है कि संसद पर भाजपा का एकाधिकार नहीं है, बल्कि यह देश के सांसदों की है, और युवाओं पर किए गए अत्याचार के विरुद्ध सदन में डटकर आवाज उठाई गई है।
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