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संतकबीरनगर जिले के नाथनगर ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को सचिवों की बैठक के दौरान खंड विकास अधिकारी कुलदीप कुमार ने कड़े निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन द्वारा नियुक्त प्रशासक व ग्राम पंचायत सचिवों को 25 मई के बाद स्वीकृत विकास से जुड़ी सभी फाइलों की मंजूरी अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी से लेनी होगी। बिना डीएम के स्वीकृत कराए गए कार्य अमान्य माने जाएंगे और संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खंड विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सचिव ग्राम पंचायत में मानदेय, शिक्षा, बिजली, जल और सार्वजनिक शौचालय जैसी छोटी समस्याओं का भुगतान करा सकते हैं, लेकिन गांव की अन्य बड़ी विकास योजनाओं की स्वीकृति बिना डीएम और डीपीआरओ की अनुमति के नहीं होगी। उन्होंने सचिवों को लंबित शौचालयों की फाइलों को तत्काल स्वीकृत कराकर जिले पर भेजने और जारी विकास कार्यों में पारदर्शिता व गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। कई गांवों से शिकायतें मिल रही हैं कि कर्मी अपनी जगह मजदूरों को काम पर लगा रहे हैं। बीडीओ ने कहा कि मौके पर जाकर पूरी संख्या में मजदूरों को लगाकर काम कराने की जिम्मेदारी सचिवों की है।
इस बैठक में खंड विकास अधिकारी कुलदीप कुमार के साथ एडीओ पंचायत सतीश चंद्र, ग्राम पंचायत सचिव देवेश कुमार, विश्राम यादव, मंजूषा देवी, भारती शर्मा, धर्मेंद्र कुमार यादव, जितेंद्र कुमार, आलोक कुमार, मेघनाथ, टीए फूलचंद, राजेश यादव और शाहिद परवेज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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