कजरी की मधुर धुनों से सजी संस्कार भारती की सांस्कृतिक संध्या
लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, नई पीढ़ी को लोक परंपराओं से जोड़ने का दिया संदेश
संत कबीर नगर ।
संस्कार भारती, संत कबीर नगर के तत्वावधान में मंगलवार को होटल सोनी इंटरनेशनल में पारंपरिक लोक संस्कृति और लोकगीतों को समर्पित कजरी उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कजरी गीतों की मधुर प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों को लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत से रूबरू कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सोनी सिंह ने की।
समारोह में संस्कार भारती के प्रांतीय पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. कैप्टेन पुष्पलता मिश्रा, प्रांतीय मंत्री राहुल श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष बस्ती डॉ. सत्या मिश्रा तथा उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड प्रचारिका, सेवा भारती शारदा जी ने कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
कजरी उत्सव के दौरान लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से वातावरण को संगीतमय बना दिया। सदानंद, प्रीति मिश्रा एवं अभिषेक त्रिपाठी ने कजरी और विभिन्न लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। वहीं विद्या मंदिर की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय लोक परंपरा, संस्कार और संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। मिराया सिंह का एकल काव्य पाठ भी आकर्षण का केंद्र रहा और उनकी प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा।
कजरी लोकजीवन और मिट्टी की पहचान : डॉ. सोनी सिंह
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सोनी सिंह ने कहा कि कजरी महज एक लोकगीत नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी, ऋतु, लोकजीवन और भावनात्मक विरासत से जुड़ी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा है। लोकगीतों में समाज की परंपराएं, संवेदनाएं और जीवनशैली प्रतिबिंबित होती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों की विशेष आवश्यकता है, क्योंकि इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और लोक संस्कृति से परिचित कराने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने संस्कार भारती के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय लोक कलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर ऐसे आयोजनों का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकगीत और लोक कलाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
कजरी की मधुर धुनों, कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक रंगों से सजे इस आयोजन ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोक संस्कृति के प्रति उत्साह और अपनत्व का वातावरण बना रहा। उत्सव ने लोगों को भारतीय लोक परंपरा की समृद्ध विरासत से जुड़ने का सुंदर अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में संस्कार भारती के जिला पदाधिकारी विनोद तिवारी, चंद्रमौली त्रिपाठी, नित्यानंद, दानिका प्रसाद, भास्कर मणि त्रिपाठी, मीरा भारती एवं गीता देवी सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोक संस्कृति एवं भारतीय परंपराओं के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।
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