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पश्चिम चंपारण के बेतिया की बेटी डॉ. दीक्षा सिन्हा ने भारत सरकार के नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा आयोजित एफएमजीई (FMGE) जून 2026 की परीक्षा को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। इस वर्ष इस कठिन परीक्षा का परिणाम मात्र 12 प्रतिशत रहा, जिसने उनकी इस शानदार सफलता को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
डॉ. दीक्षा मूल रूप से नौतन प्रखंड के धूमनगर, कचहरी टोला की स्थायी निवासी हैं और वर्तमान में बेतिया के पुराना बस स्टैंड में रह रहे अनुज कुमार और अर्चना कुमारी की सुपुत्री हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में किर्गिज़स्तान के इंटरनेशनल हायर स्कूल ऑफ मेडिसिन, बिश्केक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। अपनी सफलता पर उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा श्रेय उनके माता-पिता और पूरे परिवार को जाता है। उनके पिता रेड क्रॉस के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय हैं, और दीक्षा भी भविष्य में एक चिकित्सक के रूप में सेवा और मानवता के इसी मार्ग पर आगे बढ़ने की इच्छा रखती हैं।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर रविवार को बेतिया के रेड क्रॉस भवन में एक भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया गया। समारोह में जिला रेड क्रॉस के चेयरमैन डॉ. सुशील प्रसाद चौधरी, वाइस चेयरमैन विश्वनाथ झुनझुनवाला, सचिव डॉ. जगमोहन कुमार और संयुक्त सचिव जगदेव प्रसाद सहित रेड क्रॉस की प्रबंध समिति के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ, पौधा, अंगवस्त्र, एप्रन और स्टेथोस्कोप भेंट किया। इसके साथ ही, महिला पतंजलि योग समिति की राज्य प्रभारी ऋतंभरा भारती, एमजेके कॉलेज बेतिया के प्राचार्य डॉ. नवल किशोर बैठा, डॉ. योगेन्द्र सम्यक और जीएमसीएच के डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने उनकी इस सफलता को आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
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